भारत की डिजिटल ताकत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शिरकत की। सुबह 10:30 बजे उन्होंने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य केवल तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि उसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है उन्होंने जोर देकर कहा कि AI को समावेशी, सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत तेजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस ऐसे AI समाधान तैयार करने पर है जो किसानों, छात्रों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के जीवन को आसान बना सकें इस मौके पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि सरकार का विजन तकनीक को कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रखने का नहीं,

बल्कि उसे लोकतांत्रिक बनाने का है। उन्होंने कहा कि AI मिशन के तहत रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि भारत वैश्विक AI हब के रूप में उभरे समिट में देश-विदेश की कई प्रमुख टेक कंपनियों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों ने भाग लिया विभिन्न सत्रों में AI के उपयोग, डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, हेल्थकेयर, एजुकेशन और कृषि जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा हुई विशेषज्ञों ने माना कि सही नीतियों और संतुलित नियमन के साथ AI भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता हैसरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI न केवल उद्योगों की कार्यप्रणाली बदलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा इसी दृष्टिकोण के साथ इंडिया AI इम्पैक्ट समिट को भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है
