रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों की भूमिका को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि अगर यूक्रेन वास्तव में शांति चाहता है, तो उसे NATO में शामिल होने की जिद छोड़नी होगी उनके मुताबिक, यूक्रेन की NATO सदस्यता की कोशिश ही इस पूरे संघर्ष की सबसे बड़ी वजह है और जब तक यह मुद्दा खत्म नहीं होता, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है रूस शुरू से ही यह स्पष्ट करता रहा है कि NATO का पूर्व की ओर विस्तार उसकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है यूक्रेन का NATO में जाना रूस की सीमाओं पर सीधे सैन्य दबाव बढ़ाने जैसा होगा उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश जानबूझकर यूक्रेन को NATO में शामिल होने के सपने दिखा रहे हैं, जबकि इसके नतीजे बेहद खतरनाक हो सकते हैं पुतिन के अनुसार, यह जिद न सिर्फ रूस-यूक्रेन संबंधों को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा को भी जोखिम में डाल रही है

अपने बयान में पुतिन ने यूरोपीय संघ पर भी तीखा हमला बोला यूरोपीय संघ द्वारा रूसी संपत्तियों को जब्त किया जाना किसी भी तरह से कानूनी कदम नहीं है पुतिन ने इसे सीधे तौर पर डकैती करार देते हुए कहा कि अगर कोई देश या संगठन दूसरे की संपत्ति जबरन छीन ले, तो उसे चोरी नहीं बल्कि खुली लूट कहा जाएगा पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानून और नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं यूरोपीय संघ और अमेरिका ने रूस पर दबाव बनाने के लिए आर्थिक प्रतिबंधों का सहारा लिया है, लेकिन इससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं पुतिन के मुताबिक, प्रतिबंधों और संपत्ति जब्ती से न तो युद्ध रुकेगा और न ही शांति आएगी ऐसे कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय विश्वास को कमजोर कर रहे हैं यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन ने दोहराया कि रूस बातचीत के खिलाफ नहीं है, लेकिन बातचीत तभी संभव है जब जमीनी हकीकत को स्वीकार किया जाए यूक्रेन को एक तटस्थ देश के रूप में रहना चाहिए और किसी भी सैन्य गुट का हिस्सा बनने से बचना चाहिए। पुतिन के अनुसार, यही एकमात्र रास्ता है जिससे लंबे समय तक शांति कायम की जा सकती हैपश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए वे यूक्रेन को हथियार देकर युद्ध को लंबा खींच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम का असली मकसद शांति नहीं,

बल्कि रूस को कमजोर करना है। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा से किसी भी हाल में समझौता नहीं करेगा पुतिन के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है रूस और पश्चिम के बीच तनाव और गहराने की आशंका है वहीं, यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति वार्ता की संभावनाएं एक बार फिर NATO मुद्दे पर अटकती नजर आ रही हैं। पुतिन के ताजा बयान से साफ है कि रूस अपनी शर्तों पर ही किसी समाधान के लिए तैयार होगा और NATO विस्तार के सवाल पर उसका रुख फिलहाल बदलने वाला नहीं दिखता
