बिहार के सीवान जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित सभा से कुछ ही दूरी पर जोरदार धमाका हो गया यह विस्फोट पटाखा बनाने के दौरान हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मृतक के सिर और पैर करीब 20 फीट दूर जाकर गिरे। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गयाप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग पहले किसी बड़े हमले की आशंका में सहम गए आवाज सुनते ही लोग घरों से बाहर निकल आए और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेर लिया गया।

सुरक्षा कारणों से आसपास की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी गईप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह धमाका किसी साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि अवैध रूप से पटाखा बनाने के दौरान हुआ हादसा है पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक घर या अस्थायी ठिकाने पर पटाखे तैयार किए जा रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया विस्फोट में झुलसे कई लोगों को तुरंत सीवान सदर अस्पताल और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई हैघटना के समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सभा की तैयारियां चल रही थीं, जिस वजह से सुरक्षा एजेंसियां पहले से अलर्ट मोड पर थीं धमाके की खबर मिलते ही प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सभा स्थल और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें भी मौके पर बुलाई गईं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य खतरा मौजूद न होपुलिस अधीक्षक ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है मौके से विस्फोटक सामग्री के अवशेष बरामद किए गए हैं,

जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पटाखा निर्माण का काम लाइसेंस के तहत हो रहा था या अवैध रूप से स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अगर अवैध गतिविधि पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगीस्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पहले भी चोरी-छिपे पटाखा बनाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई इस हादसे ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं लोगों ने मांग की है कि रिहायशी इलाकों में इस तरह के खतरनाक काम पर पूरी तरह रोक लगाई जाएहादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। वहीं घायलों के इलाज का खर्च सरकारी स्तर पर उठाने का आश्वासन भी दिया गया हैफिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है यह भी देखा जा रहा है कि हादसे के समय वहां कितने लोग मौजूद थे और किसकी लापरवाही से यह विस्फोट हुआ प्रशासन ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री की सभा को लेकर किसी तरह की सुरक्षा चूक नहीं होने दी जाएगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा
