
सोमवार शाम 6:52 बजे लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुई धमाके की घटना ने राजधानी दिल्ली को झकझोर दिया है। तंग गलियों और व्यस्त बाजारों से सटे इस इलाके में अचानक हुए विस्फोट से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक घायल अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। फिलहाल केवल दो शवों की पहचान हो पाई है; शेष पीड़ितों की पहचान के लिए DNA टेस्ट कराए जा रहे हैं।घटनाक्रम और सीसीटीवी फुटेज से खुली अहम जानकारीघटना के बाद सामने आए एक और सीसीटीवी फुटेज में धमाके से पहले पार्किंग में खड़ी एक i20 कार और पास की दुकानों पर भीड़ दिखाई देती है। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जैसे ही विस्फोट होता है, ग्राहक और दुकानदार घबरा कर दुकानों के अंदर तथा बाजार की संकरी गलियों में भागते हैं। मोबाइल शॉप सहित आसपास की दुकानों पर भारी भीड़ थी जो अचानक भयभीत होकर इधर-उधर भागती दिखी — और यही भयावहता घटना के तत्काल बाद के दृश्यों में कैद है।सीसीटीवी के सहारे पुलिस ने यह भी पता लगाया है कि धमाके से लगभग तीन घंटे पहले कार में बैठे व्यक्ति
— जिन्हें पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट में डॉ. मोहम्मद उमर नबी बताया गया है — पार्किंग में बैठे हुए नजर आए। यह जानकारी पार्किंग के सीसीटीवी रिकॉर्ड से जुटाई गई है। हालांकि इस प्रारंभिक निष्कर्ष की स्वतंत्र और गहन जांच के लिए मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जा चुकी है।फोरेंसिक टीम ने बरामद किए 42 साक्ष्य —
कार के अलग-अलग पार्ट्स भी शामिलमंगलवार शाम तक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कुल 42 साक्ष्य एकत्रित किए। अधिकारियों के बयान के अनुसार इन साक्ष्यों में विस्फोटित i20 कार के विभिन्न हिस्से — टायर, चेसिस, बोनट के टूड़े हुए पार्ट्स — और कथित CNG सिलेंडर भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन आयटम्स की वैज्ञानिक जाँच (forensic examination) से विस्फोट के तकनीकी पहलुओं और विस्फोट में प्रयुक्त उपकरणों की पहचान में मदद मिलेगी। जांच टीम ने बताया कि बुधवार से इन बरामद साक्ष्यों की विस्तृत लैब जाँच शुरू कर दी जाएगी।पीड़ितों की पहचान और उपचारघायलों को पास के सरकारी व निजी अस्पतालों में दाखिल कराया गया है; कुछ की हालत नाज़ुक बताई जा रही है। मरने वालों में से दो की पहचान संभव हुई है; बाकी पीड़ितों की पहचान के लिए परिवारजन और अधिकारियों ने DNA परीक्षण कराने की पुष्टि की है। पुलिस और अस्पताल प्रबंधन दोनों ही इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं ताकि पीड़ितों के परिजनों को जल्द सूचना दी जा सके और शवों का उचित हश्र सुनिश्चित किया जा सके।जांच की दिशा और अगला कदमप्राथमिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों को मिलाकर की जा रही है। परंतु जांच अब NIA के हाथ में है — यह कदम यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार या जांच एजेंसियाँ इस घटना को केवल स्थानीय स्तर का अपराध नहीं मान रही हैं और इसमें गहन, केंद्रस्तरीय जांच की आवश्यकता समझी जा रही है। NIA की संलिप्तता का अर्थ है कि विस्फोट के कारणों —
चाहे वह आतंकी गतिविधि हो, किसी तकनीकी दोष का परिणाम हो, या कोई अन्य कारण — की पड़ताल अधिक व्यापक स्तर पर की जाएगी।जनता के लिए सावधानियां और सुरक्षा व्यवस्थाघटना के बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पास-पड़ोस के इलाकों में चेकपोस्ट व सघन तलाशी अभियान चलाए गए। नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस तथा प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से जुड़ी कोई संदिग्ध जानकारी, फोटो या वीडियो हो तो वह नजदीकी पुलिस थाने या हेल्पलाइन पर साझा करें — यह जांच में सहायक हो सकता है
