नई दिल्ली ,पुणे :- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार को 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया उन्होंने पुणे में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर खेल जगत तक शोक की लहर दौड़ गई कलमाड़ी भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन का ऐसा नाम रहे, जिनका करियर उपलब्धियों के साथ-साथ बड़े विवादों से भी जुड़ा रहासुरेश कलमाड़ी का जन्म 1944 में हुआ था राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में देश की सेवा की एयरफोर्स में अनुशासन और नेतृत्व की ट्रेनिंग ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया, जिसका असर आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन में भी दिखा वायुसेना से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए कलमाड़ी कई बार लोकसभा सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे वे लंबे समय तक पुणे लोकसभा सीट से कांग्रेस का चेहरा बने रहे।

संसद में उनकी पहचान एक प्रभावशाली वक्ता और संगठनकर्ता के रूप में रही उन्होंने शहरी विकास और खेल से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई राजनीति के साथ-साथ सुरेश कलमाड़ी का नाम खेल प्रशासन में भी मजबूती से जुड़ा रहा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष रहे और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर पहचान दिलाने में उनकी भूमिका को समर्थक आज भी याद करते हैंहालांकि, कलमाड़ी का करियर 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण गंभीर विवादों में घिर गया वे इन खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष थे। आयोजन में अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आए, जिसके बाद उनकी छवि को गहरा झटका लगा इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया और जेल भी जाना पड़ा यह विवाद उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा और निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले के बाद कांग्रेस पार्टी और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका सीमित होती चली गई इसके बावजूद वे लंबे समय तक चर्चा में बने रहे और भारतीय राजनीति के एक विवादास्पद लेकिन प्रभावशाली चेहरे के रूप में पहचाने जाते रहे उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं, खेल संगठनों और कई वरिष्ठ राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया है पार्टी नेताओं ने कहा कि सुरेश कलमाड़ी ने संगठन के लिए कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं और उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता वहीं खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी उनके खेल प्रशासन में दिए गए योगदान को याद किया सुरेश कलमाड़ी का जीवन एक ऐसे नेता की कहानी है, जिसने देश की सेवा वायुसेना से शुरू की, राजनीति और खेल प्रशासन में ऊंचे पदों तक पहुंचा, लेकिन विवादों ने उनके करियर पर गहरी छाप छोड़ दी उनके निधन के साथ ही भारतीय राजनीति और खेल जगत का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया
