उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण को लेकर जारी विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है CM योगी ने कहा कि इस मामले में जो तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, उन्हें देखकर भ्रम फैलाया जा रहा है उनका कहना है कि काशी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और टूटी मूर्तियों को लेकर जो नैरेटिव बनाया जा रहा है, वह वास्तविकता से परे हैमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मणिकर्णिका घाट का ध्वस्तीकरण पूरी तरह से कानूनी और नियमानुसार किया गया किसी भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या किसी मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का सवाल ही नहीं है उन्होंने जोर देकर कहा कि कुछ लोग फोटो और वीडियो का गलत इस्तेमाल कर काशी की छवि को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं “काशी विश्वनाथ और मणिकर्णिका घाट जैसी पवित्र स्थलों की पहचान पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता मुख्यमंत्री ने बताया कि घाट के आसपास के पुराने और जर्जर निर्माणों को हटाया गया है ताकि श्रद्धालुओं के लिए सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके यह कदम पर्यटन, धर्म और स्थानीय विकास के दृष्टिकोण से बेहद जरूरी था टूटी हुई मूर्तियों और अवशेषों को व्यवस्थित तरीके से संग्रहित किया गया है, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी न फैल सकेयोगी आदित्यनाथ ने मीडिया और जनता से अपील की कि वे इस मामले में सटीक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों पर ध्यान न दें उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग जानबूझकर गलत तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं,

जिससे भ्रम फैल रहा है हम काशी की पवित्रता और प्रतिष्ठा को किसी भी कीमत पर खतरे में नहीं आने देंगे कोई भी भ्रम फैलाने वाला इसे रोकने में सफल नहीं होगाराजनीतिक पृष्ठभूमि पर बात करें तो मणिकर्णिका घाट का मामला तुरंत ही सियासी बहस का विषय बन गया विपक्षी दलों और कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं CM योगी ने इस पर कहा कि यह प्रयास केवल जनता को भ्रमित करने और काशी की छवि को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है घाट पर कोई भी धार्मिक या सांस्कृतिक नुकसान नहीं हुआ और सभी कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए गएविशेषज्ञों का मानना है कि मणिकर्णिका घाट जैसी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का रखरखाव और पुनर्निर्माण समय-समय पर आवश्यक होता है योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे भी ऐसी किसी योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जा सकेइस मामले में यूपी सरकार का कहना है कि घाट के पुनर्निर्माण और ध्वस्तीकरण का उद्देश्य न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक हितों को सुनिश्चित करना है मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता और श्रद्धालुओं के लिए घाट की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि है उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जो भी अवशेष या मूर्तियां हटाई गई हैं, उन्हें संग्रहित कर इतिहास के लिए सुरक्षित रखा गया है मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण पर CM योगी का बयान काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक छवि की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट संदेश देता है उन्होंने अफवाहों और भ्रम फैलाने वाले प्रयासों को खारिज करते हुए कहा कि काशी को बदनाम करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी प्रशासन का लक्ष्य केवल घाट का पुनर्निर्माण और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है
