हरियाणा कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन के तहत बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी के 7 वरिष्ठ नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है प्रदेश अध्यक्ष उदय भान ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि ये सभी नेता लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों, बागी रुख और खरीद-फरोख्त के आरोप लगाकर कांग्रेस की छवि खराब कर रहे थे। कार्रवाई हरियाणा मामलों के प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद से चर्चा के बाद की गई।निष्कासित नेताओं में करनाल के तर्लोचन सिंह अशोक खुराना, यमुनानगर के प्रदीप चौधरी, मधु चौधरी, हिसार के राम निवास रारा, और गुरुग्राम के हरविंदर, रामकिशन सैन इसमें। शामिल हैं।

इनमें से दो नेता पहले ही भाजपा में जा चुके थे, जबकि बाकी निकाय चुनाव से ठीक पहले टिकट वितरण को लेकर खुले तौर पर पार्टी पर दबाव बना रहे थे।कांग्रेस का कहना है कि ये नेता लगातार खुद के समर्थन में बयानबाज़ी, खरीद-फरोख्त के झूठे आरोप, और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम कर रहे थे। नगर निकाय चुनाव 2 और 9 मार्च को होने हैं, ऐसे में पार्टी ने साफ किया कि चुनावी माहौल में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।नेताओं के निष्कासन को कांग्रेस ने जरूरी संगठनात्मक कार्रवाई बताया है जबकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले यह कदम पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और टिकट को लेकर असंतोष को उजागर करता है। कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बगावत करने वालों के लिए दल में कोई जगह नहीं होगी, चाहे वे कितने भी पुराने नेता क्यों न हों।
