मुंबई। महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार का आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया अंतिम विदाई के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा पत्नी ने पारंपरिक रीति से गंगाजल अर्पित किया, जबकि बेटों ने मुखाग्नि देकर पिता को अंतिम विदाई दी। इस दौरान उन्हें गन सैल्यूट भी दिया गया। अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहेअजित पवार की अंतिम यात्रा सुबह उनके आवास से शुरू हुई,

जहां हजारों की संख्या में समर्थक और आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे जैसे ही पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर बाहर लाया गया अजित पवार अमर रहें के नारे गूंज उठे लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई इस अप्रत्याशित क्षति से स्तब्ध नजर आया।श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हुई। महाराष्ट्र पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया, वहीं गन सैल्यूट के साथ नेता को अंतिम सलाम किया गया धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार पत्नी ने गंगाजल चढ़ाया और परिवार के सदस्यों ने अंतिम संस्कार की विधि पूरी की। बेटों द्वारा मुखाग्नि दिए जाने के दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठाइस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजित पवार को एक कुशल प्रशासक और मजबूत राजनीतिक व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनका जाना महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति है

वहीं शरद पवार ने भावुक स्वर में कहा कि अजित पवार ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी और राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाईअंतिम संस्कार में महाराष्ट्र सरकार के कई मंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। कई नेताओं ने कहा कि अजित पवार का राजनीतिक अनुभव, प्रशासनिक पकड़ और जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद की जाएगीअजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक मजबूत और निर्णायक नेता के रूप में जाना जाता था।

उन्होंने राज्य के वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए सिंचाई परियोजनाओं, किसानों के हित और विकास योजनाओं को लेकर उनकी भूमिका हमेशा चर्चा में रही उनके अचानक निधन से न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी शोक की लहर दौड़ गई हैअंतिम विदाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की थी ताकि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके शाम तक श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा और लोग नम आंखों से अपने प्रिय नेता को याद करते नजर आए अजित पवार का अंतिम संस्कार ऐसे समय में हुआ जब महाराष्ट्र की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बना हुआ था। उनका जाना राज्य की राजनीति में एक खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा
