2021 कोरोना का वो कहर आपको याद ही होगा अस्पतालों के बाहर ऑक्सीजन सिलेंडर की लंबी-लंबी कतारें, लोग रो रहे थे, साँसें रुक रही थीं, लेकिन लाइन में खड़े रहना पड़ रहा था। और आज 2026 वही जनता, वही सरकार, वही हालात, बस सिलेंडर बदल गए हैं! मोदी सरकार तब विफल थी आज भी विफल हैं

अब ऑक्सीजन की जगह रसोई गैस के सिलेंडर की लाइन लग रही है। एक सिलेंडर के लिए घंटों इंतज़ार, दाम आसमान छू रहे, चूल्हा जल नहीं रहा और घर की रोटी ठंडी पड़ रही है। न सरकार बदली. न हमारी तकलीफें बदलीं. कल ऑक्सीजन के लिए तरस रहे थे, आज गैस के लिए तरस रहे हैं। लेकिन सवाल वही हैं कि क्या मोदी जी के ये अच्छे दिन हैं
