तेहरान – ईरान में बढ़ते नागरिक विरोध के बीच राष्ट्रपति का बयान चर्चा में है शुक्रवार को राजधानी के एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा अगर हम सही मार्ग नहीं अपनाएंगे तो अल्लाह हमें जहन्नुम में डाल देगा यह बयान उस समय आया जब ईरान प्रदर्शनकारी सड़कों पर मुल्लाओं देश छोड़ो जैसे नारों के साथ सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी जता रहे थेदेश में पिछले कुछ हफ्तों से विरोध की लहर चल रही है महिलाओं के अधिकारों महंगाई, बेरोजगारी और धार्मिक हस्तक्षेप के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर चुके हैं राजधानी के मुख्य चौक और कई शहरों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी देखा गया प्रदर्शनकारी खुले तौर पर सरकार और कड़ा धार्मिक नेतृत्व यानी मुल्लाओं, पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैंईरानी राष्ट्रपति ने अपने बयान में जनता और धार्मिक नेतृत्व दोनों को चेतावनी दी है

उन्होंने कहा कि देश सही मार्ग पर नहीं जाएगा तो परिणाम गंभीर होंगे हमें अल्लाह की राह पकड़नी होगी, वरना हमारी आत्मा और राष्ट्र जहन्नुम में जाएंगे उनके इस बयान ने विरोध के बीच कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैराष्ट्रपति का यह बयान उस बढ़ते दबाव का संकेत है जो उन्हें जनता की नाराजगी और अंतरराष्ट्रीय आलोचना से महसूस हो रहा है ईरान में आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी ने आम नागरिकों की जिंदगी मुश्किल कर दी है इन मुद्दों पर सरकार की नाकामी को लेकर लोगों में गुस्सा है।सड़कों पर मुल्लाओं देश छोड़ो के नारों ने ईरान के राजनीतिक और धार्मिक माहौल को और गर्म कर दिया है राष्ट्रपति का अल्लाह वाला बयान जनता को शांत करने की कोशिश है वहीं कई विरोधकारी इसे केवल राजनीति की चाल के रूप में देख रहे हैं देशभर में विरोध और प्रदर्शन जारी हैं

कई शहरों में सुरक्षा बलों ने कड़े कदम उठाए हैं और प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कम नहीं हुआ यदि सरकार जनता की मांगों पर ध्यान नहीं देती, तो विरोध और व्यापक रूप ले सकता है। राष्ट्रपति का बयान नहीं तो अल्लाह हमें जहन्नुम में डालेगा केवल चेतावनी नहीं बल्कि एक गंभीर संदेश भी माना जा रहा है, कि देश को संकट से बाहर निकालने के लिए तत्काल सुधार और संवाद की जरूरत है ईरान के इस राजनीतिक और सामाजिक संकट पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी लगातार नज़र बनाए हुए है दुनिया भर के समाचार माध्यम राष्ट्रपति के बयान और देशभर में विरोध के बीच के तनाव को कवर कर रहे हैं
