भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने भारत को लेकर एक बार फिर भावुक बयान दिया है उन्होंने कहा कि भारत आना उनके लिए हमेशा घर वापसी जैसा अनुभव होता है सुनीता विलियम्स इन दिनों अपने भारत दौरे को लेकर चर्चा में हैं, जहां उन्होंने न सिर्फ भारत से अपने गहरे जुड़ाव की बात कही, बल्कि चांद पर जाने की इच्छा को लेकर भी एक दिलचस्प और मजाकिया टिप्पणी कीसुनीता विलियम्स ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, जब भी मैं भारत आती हूं, मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं अपने घर लौट आई हूं। यहां की संस्कृति, लोग और अपनापन मेरे दिल के बहुत करीब हैं उन्होंने बताया कि उनके पिता भारतीय मूल के थे और इसी वजह से भारत से उनका भावनात्मक रिश्ता हमेशा बना रहा है।

भारतीय खाने, परंपराओं और लोगों की गर्मजोशी की उन्होंने खुलकर तारीफ कीचांद मिशन को लेकर पूछे गए सवाल पर सुनीता विलियम्स ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं चांद पर जाना चाहती हूं, लेकिन अगर मैंने ऐसा कहा तो मेरे पति मुझे मार डालेंगे उनका यह बयान मजाकिया अंदाज में था, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े उन्होंने साफ किया कि अंतरिक्ष यात्राएं जितनी रोमांचक होती हैं, उतनी ही जोखिम भरी भी होती हैं और परिवार की चिंता स्वाभाविक हैसुनीता विलियम्स नासा की सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों में गिनी जाती हैं वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड बना चुकी हैं और कई स्पेसवॉक कर चुकी हैं अंतरिक्ष में बिताए अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखना इंसान की सोच बदल देता है वहां से कोई सीमाएं नहीं दिखतीं, सिर्फ एक खूबसूरत नीला ग्रह नजर आता हैभारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर भी सुनीता विलियम्स ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दीnउन्होंने कहा कि भारत ने बीते वर्षों में अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। चंद्रयान और गगनयान जैसे मिशन इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब वैश्विक अंतरिक्ष शक्तियों की कतार में खड़ा है भारतीय युवाओं को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी कियासुनीता विलियम्स ने खास तौर पर भारतीय छात्राओं और महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि सपने देखने से कभी डरना नहीं चाहिए

अगर आप मेहनत करते हैं और अपने लक्ष्य पर फोकस रखते हैं, तो अंतरिक्ष भी आपकी पहुंच से बाहर नहीं है, उनका मानना है कि आने वाले समय में अंतरिक्ष अभियानों में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होगीअपने भारत दौरे के दौरान सुनीता विलियम्स ने कई शैक्षणिक संस्थानों और कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद किया उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को साकार कियाकुल मिलाकर, सुनीता विलियम्स का यह बयान न सिर्फ भारत के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है, बल्कि अंतरिक्ष के प्रति उनके जुनून और मानवीय संवेदनाओं को भी सामने लाता है भारत को घर कहने वाली यह अंतरिक्ष यात्री एक बार फिर भारतीयों के दिल जीतने में कामयाब रही हैं
