नई दिल्ली में 5 दिसंबर 2025 को PM नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई शिखर बैठक ने भारत-रूस के द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती दी इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों नेताओं ने अपनी मित्रता को ध्रुव तारे की तरह अटल बताते हुए कहा कि यह दोस्ती हर कसौटी पर खरे उतरी है और भविष्य में भी यह स्थायी बनी रहेगी बैठक का आयोजन विशेष रूप से दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने के लिए किया गया प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि भारत और रूस के संबंध सिर्फ समय की कसौटी पर ही नहीं बल्कि हर चुनौतीपूर्ण स्थिति में मजबूत साबित हुए हैं

यह हमारे संबंध हर कसौटी पर खरे उतरे हैं और भविष्य में भी इस दोस्ती को और आगे बढ़ाया जाएगा वहीं, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भरोसा जताया कि भारत को तेल की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी यह आश्वासन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक तथा आर्थिक संबंधों को और मजबूती देगाइस बैठक में दोनों नेताओं ने केवल आपसी मित्रता की बात नहीं की, बल्कि रक्षा, आर्थिक, विज्ञान और तकनीकी सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा की साथ ही वैश्विक ऊर्जा संकट, व्यापार समझौते और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ शिखर बैठक में उच्च स्तरीय मंत्री और अधिकारी भी मौजूद थे,

जिन्होंने विभिन्न समझौतों और सहयोग योजनाओं पर चर्चा की भारत-रूस शिखर बैठक की यह वार्ता इस बात का प्रतीक है कि दोनों देशों का संबंध स्थायी, मजबूत और अटूट है द्विपक्षीय सहयोग केवल वर्तमान चुनौतियों के लिए नहीं बल्कि भविष्य के लिए भी योजनाबद्ध रूप से मजबूत किया जा रहा है ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना, वैश्विक मुद्दों पर सामंजस्य बनाना और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग सुनिश्चित करना इस बैठक के मुख्य उद्देश्यों में शामिल थे इस शिखर बैठक ने न केवल भारत-रूस के रिश्तों को नया आयाम दिया है,

बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की स्थायित्वपूर्ण नींव को भी मजबूत किया है यह बैठक दर्शाती है कि भारत और रूस के संबंध समय और परिस्थितियों की कसौटियों में भी मजबूत बने रहेंगे, और भविष्य में भी दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग इसी तरह हमेशा बढ़ता रहेगा
