कोलकाता ,पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को बम ब्लास्ट की धमकी मिलने के बाद राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया यह धमकी एक ई-मेल के जरिए भेजी गई थी, जिसमें आरोपी ने न केवल धमकी भरा संदेश लिखा बल्कि अपना मोबाइल नंबर भी दर्ज कर दिया सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते आरोपी को तेजी से ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया गया है इस पूरे मामले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेज दी गई हैअधिकारियों के मुताबिक, राज्यपाल कार्यालय को यह ई-मेल मिलने के बाद तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया राजभवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई, बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों की मदद से गहन तलाशी अभियान चलाया गया हालांकि शुरुआती जांच में किसी भी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन एहतियातन पूरे परिसर को अलर्ट मोड पर रखा गयाई-मेल की तकनीकी जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को आरोपी का मोबाइल नंबर मिला, जो मेल में ही दर्ज था

इसी सुराग के आधार पर साइबर सेल और खुफिया एजेंसियों ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने जानबूझकर डर और अफरा-तफरी फैलाने के मकसद से यह धमकी भेजी थी हालांकि उसके किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा होने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके पीछे कोई और साजिश तो नहीं थी यह भी जांच की जा रही है कि उसने यह कदम मानसिक दबाव, व्यक्तिगत रंजिश या किसी राजनीतिक उद्देश्य के तहत उठाया आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है

राज्यपाल को धमकी मिलने की सूचना मिलते ही केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई केंद्रीय गृह मंत्रालय को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है मंत्रालय ने राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने को कहा है गृह मंत्रालय की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगाइस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है विपक्षी दलों ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं राज्य सरकार का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिससे किसी भी तरह की अनहोनी टल गई सरकार ने इसे सुरक्षा तंत्र की सफलता बताया हैराजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यपाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है

बयान में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की गई साथ ही यह भरोसा दिलाया गया कि ऐसी किसी भी धमकी को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगाविशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में धमकी भरे ई-मेल और कॉल की घटनाएं बढ़ी हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता डिजिटल माध्यमों के जरिए धमकी देना आसान हो गया है, लेकिन तकनीक की मदद से अपराधियों तक पहुंचना भी अब उतना ही संभव है इस मामले में आरोपी का मोबाइल नंबर खुद मेल में देना उसकी बड़ी गलती साबित हुई फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उस पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद यह साफ हो पाएगा कि यह सिर्फ एक शरारती हरकत थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई थी राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर इस घटना को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है
