ईरान इस समय अपने सबसे गंभीर आंतरिक संकटों में से एक का सामना कर रहा है। देशभर में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के खिलाफ गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है राजधानी तेहरान समेत ईरान के 100 से अधिक शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए हैं, जो कई जगह हिंसक हो गए इन प्रदर्शनों के दौरान एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी गई है, जबकि अब तक कम से कम 45 लोगों की जान जा चुकी हैप्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तरों, बैंकों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिनमें आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं सामने आईं हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी सरकार ने हालात बिगड़ते देख राजधानी तेहरान के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अस्थायी रूप से उड़ान संचालन रोक दिया हैस्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरानी प्रशासन ने इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं भी बंद कर दी हैं इससे देश के भीतर सूचनाओं का आदान-प्रदान लगभग ठप हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच सीमित कर दी गई है ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय रोका जा सके। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सरकार सूचना दबाने की कोशिश कर रही हैप्रदर्शनों की मुख्य वजह देश में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची महंगाई बताई जा रही है खाने-पीने की चीजें, ईंधन और दवाइयों की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वेतन स्थिर है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा है कई शहरों में लोगों ने रोटी, रोजगार और आज़ादी जैसे नारे लगाएईरानी सरकार पर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का भारी दबाव है अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के कारण तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे सरकारी राजस्व घटा है और मुद्रा रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई है आर्थिक कुप्रबंधन और प्रतिबंधों के संयुक्त प्रभाव ने हालात को विस्फोटक बना दिया हैसरकारी बयान में कहा गया है कि हिंसा फैलाने वाले “उपद्रवी तत्वों” के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रपति कार्यालय ने दावा किया है कि हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में लाए जा रहे हैं और आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है वहीं, विपक्षी समूहों और मानवाधिकार संगठनों ने सुरक्षा बलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।तेहरान के अलावा मशहद, इस्फहान, शिराज, तबरीज और अहवाज़ जैसे बड़े शहरों से भी हिंसा की खबरें आई हैं कई इलाकों में स्कूल और बाजार बंद कर दिए गए हैं। लोग घरों में रहने को मजबूर हैं और भय का माहौल बना हुआ है

अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ईरान की स्थिति पर नजर बनाए हुए है संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों ने हिंसा पर चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ही आर्थिक राहत के ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन और तेज हो सकता है ईरान इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां आर्थिक संकट, जन असंतोष और सुरक्षा चुनौतियां एक साथ सामने आ रही हैं आने वाले दिन यह तय करेंगे कि सरकार हालात संभाल पाती है या देश को और बड़े संकट का सामना करना पड़ेगा
