पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और PTI के संस्थापक इमरान खान को लेकर सोमवार से सोशल मीडिया पर एक बड़ी अफवाह फैल गई है कि उनकी जेल में मौत हो गई है। यह अफवाह इतनी तेज़ी से वायरल हुई कि कुछ ही घंटों में पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाना भू शुरू कर दिया कि आखिर इमरान खान की तबीयत को लेकर सरकार और जेल प्रशासन कोई आधिकारिक जानकारी क्यों नहीं दे रहे हैं

सरकार और पुलिस की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।अफवाहों के बीच सबसे चिंताजनक बात सामने आई जब इमरान खान की बहनें नोरीन नियाज़ी, अलीमा खान और उज़मा खान अदियाला जेल पहुंचीं लेकिन बहनों का कहना है कि उन्हें तीन हफ्तों से अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है। सोमवार को जब वे जेल पहुंचीं, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कथित तौर पर धक्का-मुक्की और बदसलूकी की इमरान खान की बहनों ने आरोप लगाया कि न केवल उन्हें मिलने से रोका गया बल्कि पुलिस ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वे कोई अपराधी हों पुलिस ने उन्हें जोर-जबरदस्ती से पीछे धकेला और उनके साथ आए समर्थकों को भी मारा-पीटा गया।

बहनों ने बताया कि उनके पास कोर्ट की इजाज़त होने के बावजूद उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया उनका कहना है कि जेल प्रशासन ने उनकी बात तक नहीं सुनी और उन्हें यह भी नहीं बताया कि इमरान खान की तबीयत कैसी है इस पूरी घटना से परिवार की चिंता और बढ़ गई है उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक है, तो सरकार को पारदर्शिता बरतते हुए कम से कम परिवार को मुलाकात करने देनी चाहिए।पिछले कई महीनों से इमरान खान जेल में बंद हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य स्थिति और मुलाकात की अनुमति से संबंधित नियमित जानकारी परिवार को नहीं दी जा रही। यही वजह है कि हर छोटी-बड़ी खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलती जा रही है । इस बार स्थिति इसलिए और गंभीर लग रही है क्योंकि परिवार की मुलाकात लगातार रोकी जा रही है।इमरान खान की बहनों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत भी दर्ज करवाई है। उन्होंने पंजाब पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर यह आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अपमानित किया, उनके बाल खींचे गए और उन्हें जमीन पर गिराने की कोशिश भज की गई। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने भाई की सेहत का हाल जानना चाहती थीं, लेकिन उनके साथ अपराधियों की तरह बर्ताव किया गया। उन्होंने इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन की चुप्पी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। सरकार की ओर से न इमरान खान की तबीयत पर कोई जानकारी दी गई है, न परिवार को रोकने के कारण बताए गए हैं। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं अगर इमरान खान सुरक्षित हैं, तो सरकार तस्वीर या वीडियो क्यों नहीं जारी कर रही परिवार से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा सुरक्षा बढ़ाने की क्या वजह हैइमरान खान की पार्टी PTI ने भी इस पूरे मामले पर नाराज़गी जाहिर की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार जानबूझकर सच छुपा रही है। उनका आरोप है कि इमरान खान का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, और सरकार जनता व परिवार से वास्तविक जानकारी छुपा रही है।

PTI ने पुलिस द्वारा बहनों के साथ की गई कथित मारपीट को सरकारी आतंक बताया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार पारदर्शिता नहीं दिखाती, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेंगे।इमरान खान की मौत की अफवाह सिर्फ अफवाह है या किसी बड़े सच की ओर इशारा—यह अभी साफ नहीं है। लेकिन इस पूरे मामले ने पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव, प्रशासनिक अविश्वास और जनता की चिंता को एक बार फिर खुलकर सामने ला दिया है। जब तक सरकार सामने आकर स्थिति स्पष्ट नहीं करती, तब तक अफवाहें फैलती रहेंगी और लोगों की चिंता बढ़ती रहेगी।
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
