संसद भवन ,नई दिल्ली—बिहार के BJP विधायक प्रमोद कुमार ने हाल ही में संसद में एक बेहद विवादास्पद और आपत्तिजनक बयान दिया है उन्होंने कहा कि बहुत लेडीज़ कुत्ते के साथ सोती हैं यह बयान सोशल मीडिया पर वीडियो के रूप में वायरल हुआ और तुरंत देशभर में बहस का विषय बन गया इस बयान से महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील माना गया विपक्षी दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने इसे कड़ी आलोचना की है RJD ने इसे महिलाओं का अपमान करार दिया और BJP से विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है यह विवादित बयान संसद के हालिया सत्र में आया, रेणुका चौधरी ने एक सवाल पूछा यह सवाल संसद में महिला अधिकारों और समाज में बढ़ती संवेदनशीलता असुरक्षा, लैंगिक समानता और महिला अधिकारों को लेकर था

उनके सवाल का जवाब देते हुए BJP विधायक प्रमोद कुमार ने यह विवादित बयान दिए कि उनके बयान से पूरा संसद में बवाल होने लगा विधायक प्रमोद कुमार ने दावा किया कि उन्होंने यह टिप्पणी इंटरनेट और मोबाइल पर देखे गए वीडियो के आधार पर दी है आजकल महिलाएँ इस तरह की चीज़ें करती हैं हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह बयान न केवल व्यक्तिगत असंवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि राजनीतिक नैतिकता और महिला सम्मान की संवेदनशीलता के प्रति गंभीर लापरवाही भी है RJD ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए भाजपा से विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है वही मीडिया रिपोर्ट्स ने इसे संसद में असंवेदनशील और अपमानजनक टिप्पणी कहा है

आम लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर शेयर किया और नकारात्मक प्रतिक्रिया दी वीडियो वायरल होते ही ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग विरोध में सामने आए कई लोगों ने इसे महिलाओं का अपमान बताया और कहा कि यह राजनीतिक मंच का दुरुपयोग हैसामाजिक कार्यकर्ता और एक्टिविस्ट उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियाँ महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाती हैं और राजनीतिक जिम्मेदारी का उल्लंघन हैं।रेणुका चौधरी उन्होंने अपने सवाल और मुद्दे को लेकर कहा कि संसद में महिला अधिकारों और समाज में संवेदनशीलता पर चर्चा जरूरी है इस तरह के बयान समाज के लिए हानिकारक हैं और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं

संसद में रेणुका चौधरी ने सवाल उठाया था कि समाज में महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा को लेकर सरकार क्या कदम उठा रही है। इसके जवाब में विधायक द्वारा दिया गया बयान विवादास्पद बन गया यह विवाद स्पष्ट करता है कि राजनीतिक मंच पर किए गए बयानों में संवेदनशीलता और नैतिकता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। महिलाओं के सम्मान को लेकर किसी भी तरह की असंवेदनशील टिप्पणी व्यापक विरोध और आलोचना का कारण बनती है यह घटना यह भी दर्शाती है कि सोशल मीडिया और आम जनता राजनीतिक घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया करती है और नेताओं की जिम्मेदारी बढ़ती है भविष्य में नेताओं को महिला सम्मान और संवेदनशीलता का हमेशा ध्यान रखना होगा, ताकि समाज में विवाद और अशांति न फैलें
रिपोर्ट
अमित कुमार
