Skip to content
  • 🌍देश/विदेश
  • 🏛️राजनीति
  • 🏏खेल
  • 🎓शिक्षा
  • 🩺स्वास्थ्य
  • 📱तकनीक
  • 🎬मनोरंजन
  • 🚓अपराध
  • 💼व्यापार / बिज़नेस
Realtodaynews

Realtodaynews

India's fastest news network

  • Home
  • contact us
  • Blog
  • Toggle search form
  • INS वाघषीर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा,डॉ. कलाम के बाद दूसरी राष्ट्रपति बनीं सबमरीन में यात्रा करने वाली Uncategorized
  • मोदी का इकोनॉमिक सर्वे से पहले बड़ा संदेश: रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म से बढ़ेगा व्यवसायिक अवसर Uncategorized
  • रायपुर DGP-IG कॉन्फ्रेंस,PM मोदी ने की पुलिस मॉडर्नाइजेशन पर चर्चा गाजीपुर के देश के तीन बेहतरीन थानों को मिल बेस्ट अवॉड Uncategorized
  • काबुल पर हमला अस्पताल बना निशाना 400 मौतों का दावा Uncategorized
  • साउथ के बड़े ऑफर ऑफर ठुकरा रहे सुनील शेट्टी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान ! 🎬मनोरंजन
  • दिल्ली में आतंकियों का डर ,अल-कायदा और बब्बर खालसा के पोस्टर दिखाई दिए, सूचना देने वालों के लिए इनाम Uncategorized
  • यूक्रेन-रूस-अमेरिका आमने-सामने, 4 साल बाद पहली सीधी बैठक Uncategorized
  • मुंबई के मुलुंड में मेट्रो पिलर का हिस्सा गिरा, ऑटो-कार मलबे में दबे; 4 लोग घायल Uncategorized

अहमदाबाद विमान हादसा पर नया खुलासा, लंदन के अखबार का बड़ा दावा, पीड़ितों को केस वापस लेने के लिए ₹10–20 लाख का ऑफर

Posted on फ़रवरी 12, 2026फ़रवरी 12, 2026 By realtodaynews94@gmail.com कोई टिप्पणी नहीं अहमदाबाद विमान हादसा पर नया खुलासा, लंदन के अखबार का बड़ा दावा, पीड़ितों को केस वापस लेने के लिए ₹10–20 लाख का ऑफर में

अहमदाबाद में हुए चर्चित विमान हादसे को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। लंदन के एक प्रमुख अखबार ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दावा किया है कि हादसे के पीड़ित परिवारों को अदालत में चल रहे मामलों को वापस लेने के बदले ₹10 से ₹20 लाख तक की राशि का प्रस्ताव दिया गया इस दावे के सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है और न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैंरिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पीड़ित परिवारों से संपर्क कर उन्हें समझौते का विकल्प सुझाया गया। अखबार का कहना है कि परिवारों को यह प्रस्ताव इस शर्त पर दिया गया कि वे कानूनी कार्रवाई आगे न बढ़ाएं और सार्वजनिक रूप से मामले पर बयानबाजी से भी परहेज करें हालांकि, इस दावे की आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या संबंधित कंपनी की ओर से पुष्टि नहीं की गई हैअहमदाबाद विमान हादसा उस समय हुआ था जब नियमित उड़ान पर जा रहा विमान तकनीकी गड़बड़ी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया हादसे में कई यात्रियों की जान चली गई थी और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने देशभर में शोक और आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी। पीड़ित परिवारों ने विमानन कंपनी और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थीलंदन के अखबार की रिपोर्ट सामने आने के बाद पीड़ित परिवारों के बीच भी चिंता बढ़ गई है कुछ परिवारों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें किसी भी तरह का अनौपचारिक प्रस्ताव स्वीकार नहीं है और वे न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखते हैं। उनका कहना है कि उनके लिए पैसों से ज्यादा महत्वपूर्ण है सच्चाई का सामने आना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाईवहीं, कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े हादसे के बाद समझौते की पेशकश असामान्य नहीं होती, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी दायरे में होनी चाहिए यदि परिवारों पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया हो, तो यह गंभीर मामला बन सकता है और इसकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि किसी विदेशी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी हैइस बीच, संबंधित विमानन कंपनी की ओर से जारी संक्षिप्त बयान में कहा गया है कि वे पीड़ित परिवारों के साथ सहानुभूति रखते हैं और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं कंपनी ने किसी भी अनुचित समझौते के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वे पारदर्शिता के साथ जांच में सहयोग कर रहे हैंराजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे ने हलचल मचा दी है कुछ विपक्षी नेताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि यदि पीड़ितों को केस छोड़ने के लिए आर्थिक प्रलोभन दिया गया है, तो यह न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले की जांच पहले से चल रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगीसामाजिक संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों ने भी पारदर्शिता की मांग की है उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को उचित कानूनी सहायता और सुरक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव के न्याय की मांग कर सकें फिलहाल, लंदन के अखबार की रिपोर्ट ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि, जब तक आधिकारिक जांच एजेंसियां इस दावे की पुष्टि या खंडन नहीं करतीं, तब तक इसे एक मीडिया रिपोर्ट के रूप में ही देखा जा रहा हैअहमदाबाद विमान हादसे के पीड़ित परिवार आज भी अपने प्रियजनों की याद और न्याय की उम्मीद के साथ संघर्ष कर रहे हैं ऐसे में यह जरूरी है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में रहे, ताकि सच्चाई सामने आए और पीड़ितों को न्याय मिल सकेअहमदाबाद में हुए चर्चित विमान हादसे को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। लंदन के एक प्रमुख अखबार ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दावा किया है कि हादसे के पीड़ित परिवारों को अदालत में चल रहे मामलों को वापस लेने के बदले ₹10 से ₹20 लाख तक की राशि का प्रस्ताव दिया गया इस दावे के सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है और न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैंरिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पीड़ित परिवारों से संपर्क कर उन्हें समझौते का विकल्प सुझाया गया। अखबार का कहना है कि परिवारों को यह प्रस्ताव इस शर्त पर दिया गया कि वे कानूनी कार्रवाई आगे न बढ़ाएं और सार्वजनिक रूप से मामले पर बयानबाजी से भी परहेज करें हालांकि, इस दावे की आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या संबंधित कंपनी की ओर से पुष्टि नहीं की गई हैअहमदाबाद विमान हादसा उस समय हुआ था जब नियमित उड़ान पर जा रहा विमान तकनीकी गड़बड़ी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया हादसे में कई यात्रियों की जान चली गई थी और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने देशभर में शोक और आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी। पीड़ित परिवारों ने विमानन कंपनी और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थीलंदन के अखबार की रिपोर्ट सामने आने के बाद पीड़ित परिवारों के बीच भी चिंता बढ़ गई है कुछ परिवारों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें किसी भी तरह का अनौपचारिक प्रस्ताव स्वीकार नहीं है और वे न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखते हैं। उनका कहना है कि उनके लिए पैसों से ज्यादा महत्वपूर्ण है सच्चाई का सामने आना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाईवहीं, कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े हादसे के बाद समझौते की पेशकश असामान्य नहीं होती,

लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी दायरे में होनी चाहिए यदि परिवारों पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया हो, तो यह गंभीर मामला बन सकता है और इसकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि किसी विदेशी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी हैइस बीच, संबंधित विमानन कंपनी की ओर से जारी संक्षिप्त बयान में कहा गया है कि वे पीड़ित परिवारों के साथ सहानुभूति रखते हैं और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं कंपनी ने किसी भी अनुचित समझौते के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वे पारदर्शिता के साथ जांच में सहयोग कर रहे हैंराजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे ने हलचल मचा दी है कुछ विपक्षी नेताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि यदि पीड़ितों को केस छोड़ने के लिए आर्थिक प्रलोभन दिया गया है, तो यह न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले की जांच पहले से चल रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगीसामाजिक संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों ने भी पारदर्शिता की मांग की है उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को उचित कानूनी सहायता और सुरक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव के न्याय की मांग कर सकें फिलहाल, लंदन के अखबार की रिपोर्ट ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि, जब तक आधिकारिक जांच एजेंसियां इस दावे की पुष्टि या खंडन नहीं करतीं, तब तक इसे एक मीडिया रिपोर्ट के रूप में ही देखा जा रहा हैअहमदाबाद विमान हादसे के पीड़ित परिवार आज भी अपने प्रियजनों की याद और न्याय की उम्मीद के साथ संघर्ष कर रहे हैं ऐसे में यह जरूरी है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में रहे, ताकि सच्चाई सामने आए और पीड़ितों को न्याय मिल सके

Uncategorized, 🌍वैश्विक

पोस्ट नेविगेशन

Previous Post: तीन घंटे चली ट्रंप-नेतन्याहू बैठक, ईरान पर चर्चा के बावजूद नहीं निकला ठोस नतीजा
Next Post: वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर: जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर रचा इतिहास

Related Posts

  • PK की वापसी से बढ़ी हलचल,खोई हुई जमीन वापस या पार्टी का रुतबा बढ़ाने की कोशिश Uncategorized
  • मुल्लाओं देश छोड़ो के नारों से गूंजा ईरान,विरोध प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति बोले नहीं तो अल्लाह हमें जहन्नुम में डालेगा Uncategorized
  • ग्रामीण रोजगार में बड़ा बदलाव,मनरेगा को अलविदा, विकसित भारत‑जी राम जी बिल लाएगी मोदी सरकार Uncategorized
  • PAK कार्ट का बड़ा फैसला ,इमरान खान और बुशरा बीबी को 17 साल जेल की सजा Uncategorized
  • क्रिकेटर शेफाली वर्मा का खुशी भरा पल,KBC पर अमिताभ बच्चन से हुई यादगार मुलाकात Uncategorized
  • राबड़ी आवास पर एक्शन की आहट, नोटिस के बाद देर रात राबड़ी आवास खाली, लालू-तेजस्वी बाहर Uncategorized

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Categories

Latest Posts

  • क्या सच में पाकिस्तान करा रहा है भारत हिंसा देखिए पूरा सच
  • मजदूरों ने NDTV के ऑफिस घेरा गोदी मीडिया शर्म के मारे
  • ट्रम्प ने PM मोदी को किया फोन 40 मिनट तक क्या हुई बातचीत
  • बिहार का नया CM सम्राट चौधरी 2 डिप्टी CM भी बने
  • निशांत कुमार ने ठुकराया डिप्टी CM पद वजह जानकर चौंक जाएंगे

Latest Posts

  • क्या सच में पाकिस्तान करा रहा है भारत हिंसा देखिए पूरा सच
  • मजदूरों ने NDTV के ऑफिस घेरा गोदी मीडिया शर्म के मारे
  • ट्रम्प ने PM मोदी को किया फोन 40 मिनट तक क्या हुई बातचीत
  • बिहार का नया CM सम्राट चौधरी 2 डिप्टी CM भी बने
  • निशांत कुमार ने ठुकराया डिप्टी CM पद वजह जानकर चौंक जाएंगे

Calendar

अप्रैल 2026
सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि रवि
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
« मार्च    
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका के तीन दिवसीय दौरे से लौटे Uncategorized
  • इंग्लैंड ने तीसरे T20 में श्रीलंका को 12 रन से हराकर सीरीज पर किया क्लीन स्वीप Uncategorized
  • मोदी का TMC पर बड़ा आरोप बोले– घुसपैठियों को वोटर बनाकर गरीबों का हक छीना जा रहा Uncategorized
  • अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर: 10 लाख घरों की बिजली गुल, 13 की मौत, 20 राज्यों में इमरजेंसी,हजारों उड़ानें रद्द Uncategorized
  • पुतिन का भारत दौरा ,PM नरेंद्र मोदी के साथ आज बैठक में साझा सुरक्षा रणनीति और डिफेंस डील पर चर्चा Uncategorized
  • ईरान ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी कहा अब हमले नहीं करेंगे Uncategorized
  • PAK का दावा ,भारत से टकराव थमवाने का क्रेडिट चीन को, 4 दिन पहले बीजिंग ने कही थी मध्यस्थता की बात Uncategorized
  • मनरेगा को खत्म कर नया ग्रामीण रोजगार बिल लाने की तैयारी: प्रियंका गांधी ने पूछा- महात्मा गांधी का नाम क्यों हटा रहे? 🏛️राजनीति

About Realtodaynews

Realtodaynews ek independent digital news platform hai jo aapko deta hai fast, real aur verified news updates.
Humari team ka focus hai ki har reader tak clear, simple aur sachchi khabar pohchayi ja sake — bina kisi bias, drama ya misinformation ke.

Humara belief simple hai:
“News wahi jo real ho, real wahi jo verified ho.”

  • Aap tak fast aur accurate news pahunchana
  • Fake news aur misinformation se door rehkar verified content provide karna
  • Neutral journalism ko promote karna
  • Har important issue ko simple language me explain karna
  • Har age group ke readers ko usable, sharable aur meaningful content dena

✅ WHY Realtodaynews?

  • Super fast breaking news
  • Pure verified content
  • Genuine journalism, no clickbait
  • Professional writers & editors
  • Har news ka proper research aur cross-check

✅ DISCLAIMER

Realtodaynews par publish hone wali sari news aur content research-based aur trusted sources par tayyar ki jati hai.
Hum kisi political party, organization ya individual se influenced nahi hain.
Website par available information general purpose ke liye hai. Kisi bhi decision ke liye reader khud zimmedar hoga.

Information

  • Contact No : 6287620628, 6200642731

SUBSCRIBE US

  • Youtube : RNN sach aap tak
  • link : https://youtube.com/@rnnsachaaptak?si=pAahnbPCViX9-Mhg

Copyright © 2026 Realtodaynews.

Powered by PressBook News WordPress theme