नई दिल्ली। सहारा समूह की 88 संपत्तियों को अडानी प्रॉपर्टीज को बेचने के प्रस्ताव पर चल रही सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए कंपनी से अमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर विस्तृत जवाब देने को कहा है। अमिकस ने कोर्ट को बताया था कि सहारा की जिन संपत्तियों को बेचने की अनुमति मांगी गई है, उनमें कई पर दावेदारी भी सामने आई है। कोर्ट अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी संपत्ति विवादित न हो और निवेशकों के हितों को सुरक्षित रखा जाए सीनियर एडवोकेट शेखर नफड़े, जिन्हें कोर्ट ने अमिकस क्यूरी नियुक्त किया है, ने 88 संपत्तियों की सूची पर विस्तृत रिपोर्ट जमा की। रिपोर्ट में बताया गया कि कई संपत्तियों पर तीसरे पक्ष ने हक जताया है। कोर्ट ने कहा कि सहारा इन सभी दावों पर अपनी प्रतिक्रिया रखे ताकि यह तय किया जा सके कि किन संपत्तियों की बिक्री बिना विवाद के संभव है।अडानी को बिक्री पर अंतिम फैसला बाद मेंSahara India Commercial Corporation Ltd. (SICCL) ने इन संपत्तियों को अडानी प्रॉपर्टीज को बेचने की अनुमति मांगी है। कंपनी का दावा है कि इससे निवेशकों और कर्मचारियों के बकाये चुकाने में मदद मिलेगी।SEBI ने कोर्ट में कहा था कि यदि बिक्री की अनुमति दी जाती है तो मूल्य कम से कम बाज़ार कीमत के 90% के आसपास होना चाहिए। साथ ही SEBI ने यह भी साफ किया कि उन्हीं संपत्तियों की बिक्री संभव है जिन पर तीसरे पक्ष के अधिकार crystallise नहीं हुए हैं।
