तेहरान,ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों को लेकर सरकार ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है ईरानी विदेश मंत्री ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हालिया प्रदर्शनों के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को जिंदा जला दिया उन्होंने इस हिंसा के पीछे विदेशी साजिश होने का आरोप लगाया और सीधे तौर पर इजराइल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया सरकार के मुताबिक, अब तक देशभर में हुई हिंसा में 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया हैविदेश मंत्री ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान में जो कुछ हो रहा है, वह सिर्फ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि सुनियोजित हिंसा है हमारे सुरक्षाकर्मियों पर पेट्रोल बम से हमले किए गए, पुलिसवालों को जिंदा जलाया गया और सरकारी संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया इन घटनाओं के पीछे विदेशी ताकतें हैं, जो ईरान की स्थिरता को कमजोर करना चाहती हैं विदेश मंत्री ने दावा किया कि इजराइल और उसके सहयोगी देश सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से हिंसा भड़काने में भूमिका निभा रहे हैं हाल के हफ्तों में हालात लगातार बिगड़े हैं कई शहरों में प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं, जहां पुलिस थानों, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है ईरान सरकार का कहना है कि मारे गए लोगों में सुरक्षाकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं

वहीं, 10 हजार से अधिक लोगों को कानून-व्यवस्था भंग करने, आगजनी और हिंसा के आरोप में हिरासत में लिया गया हैईरानी प्रशासन का कहना है कि वह शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी विदेश मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी लोग देश को अस्थिर करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी हस्तक्षेप के सबूत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रखे जाएंगे और ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनों ने ईरान सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया है और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ कठोर व्यवहार की खबरें सामने आ रही हैं हालांकि, ईरान सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती है कि सुरक्षा बल कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रहे हैंईरान में चल रहे इस संकट पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है कई पश्चिमी देशों ने हिंसा पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है

वहीं, इजराइल ने ईरान के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं दे रहा ईरान में मौजूदा हालात सिर्फ आंतरिक असंतोष का नतीजा नहीं हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति से भी जुड़े हुए हैं एक ओर सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती दिखा रही है, तो दूसरी ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ईरान सरकार इस संकट से कैसे निपटती है और क्या हालात सामान्य हो पाते हैं या नहीं
