नई दिल्ली/अहमदाबाद,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जर्मनी के चांसलर के साथ अहमदाबाद में उच्चस्तरीय मुलाकात करेंगे। यह दौरा केवल द्विपक्षीय बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर सबसे पहले साबरमती आश्रम जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन और विचारों से जुड़े स्थलों का अवलोकन करेंगे इसके बाद दोनों नेता अहमदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय काइट फेस्टिवल में भी हिस्सा लेंगे साबरमती आश्रम को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां पहुंचकर दोनों नेता गांधीजी के सत्य, अहिंसा और आत्मनिर्भरता के संदेश को करीब से समझेंगे माना जा रहा है कि यह दौरा जर्मनी के चांसलर के लिए भारतीय इतिहास और गांधी दर्शन को जानने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।अधिकारियों के अनुसार, आश्रम भ्रमण के दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत भी हो सकती है, जिसमें वैश्विक शांति, लोकतंत्र और सतत विकास जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श की संभावना हैइसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर अहमदाबाद के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय काइट फेस्टिवल में शामिल होंगे हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाला यह उत्सव गुजरात की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है

देश-विदेश से आए कलाकार और पतंगबाज़ इस फेस्टिवल में हिस्सा लेते हैं दोनों नेताओं की मौजूदगी से इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलने की उम्मीद है काइट फेस्टिवल के जरिए भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है राजनयिक दृष्टि से भी यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है भारत और जर्मनी के बीच व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हो सकती है खास तौर पर ग्रीन एनर्जी, जलवायु परिवर्तन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल हो सकते हैंप्रधानमंत्री मोदी पहले भी विदेशी नेताओं के साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थलों का दौरा कर चुके हैं इससे भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को मजबूती मिलती है और विदेशी मेहमानों को देश की परंपराओं से जोड़ने में मदद मिलती है

जर्मन चांसलर के साथ साबरमती आश्रम और काइट फेस्टिवल का कार्यक्रम भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है इस दौरे से भारत-जर्मनी संबंधों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है दोनों देशों के बीच जनता से जनता के रिश्ते मजबूत होंगे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा अहमदाबाद में होने वाला यह कार्यक्रम न केवल राजनीतिक, बल्कि सांस्कृतिक और कूटनीतिक लिहाज से भी खास माना जा रहा है
