नई दिल्लीराजधानी दिल्ली में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं सोमवार को न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे पिछले 13 सालों का रिकॉर्ड टूट गया ठंड के इस तीखे प्रकोप ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है सुबह-शाम घना कोहरा, बर्फीली हवाएं और शीतलहर जैसी स्थिति के कारण दिल्लीवासी कपकपा रहे हैं मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं और सर्दी का असर अभी और बढ़ सकता हैमौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है

हिमालयी क्षेत्रों से आ रही सर्द हवाओं ने दिल्ली का तापमान तेजी से नीचे गिरा दिया है न्यूनतम तापमान में आई इस गिरावट के कारण रातें और सुबहें बेहद ठंडी हो गई हैं कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता भी कम हो गई और सड़क व रेल यातायात प्रभावित हुआठंड बढ़ने का असर सीधे आम लोगों की दिनचर्या पर दिख रहा है सुबह के समय लोग घरों से निकलने से पहले कई परतों में कपड़े पहनने को मजबूर हैं खुले इलाकों, बस स्टॉप और रेलवे स्टेशनों पर लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश करते नजर आए बेघर और जरूरतमंद लोगों के लिए यह ठंड और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है

प्रशासन की ओर से रैन बसेरों में व्यवस्था बढ़ाई गई है और रात के समय कंबल बांटने के अभियान भी चलाए जा रहे हैंशीतलहर के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी इजाफा देखा जा रहा है डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है सर्द हवाओं के कारण सर्दी-खांसी, बुखार, जोड़ों के दर्द और सांस से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और पर्याप्त मात्रा में गर्म तरल पदार्थ लेने की सलाह दी हैदिल्ली के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे एनसीआर के शहरों में भी तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है इन इलाकों में भी घना कोहरा छाए रहने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा कई जगहों पर ट्रेनों और उड़ानों के समय में भी देरी की खबरें सामने आई हैं मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन ठंड से तुरंत राहत मिलने की संभावना नहीं है उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलती रहने से ठिठुरन बनी रह सकती है। साथ ही, कोहरे की स्थिति भी सुबह के समय बनी रहने की आशंका है।

विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी हैराजधानी में बढ़ती ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव और अन्य एहतियाती कदमों पर भी चर्चा हो रही है कई निजी संस्थानों ने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा बढ़ा दी है प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि ठंड के कारण किसी तरह की जनहानि न होदिल्ली इस समय भीषण ठंड की चपेट में है। 13 सालों का रिकॉर्ड टूटने के साथ ही सर्दी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिन भी आसान नहीं होंगे ऐसे में लोगों को सतर्क रहकर जरूरी सावधानियां बरतने की जरूरत है, ताकि ठंड के इस दौर को सुरक्षित तरीके से पार किया जा सके
