चंडीगढ़: मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। चंडीगढ़ स्थित सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) ने आदेश दिया है कि MES के कर्मचारियों को ड्रेस अलाउंस दिया जाएगा। CAT ने स्पष्ट किया है कि अगर यह लाभ न दिया गया तो यह कानून के खिलाफ होगा।विवाद होने की वजह :-MES के कई औद्योगिक कर्मचारी पहले यूनिफॉर्म, वॉशिंग भत्ता और अन्य यूनिफॉर्म संबंधित भत्ते लेते थे। 2017 में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद सरकार ने फैसला किया कि अब यूनिफॉर्म व अन्य भत्तों की जगह एक सालाना ड्रेस अलाउंस दिया जाएगा। लेकिन MES के कर्मचारियों को यह लाभ नहीं दिया गया। साथ ही कुछ कर्मचारियों से पहले से दिया गया भत्ता वापस भी ले लिया गया।कर्मचारियों ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका भी दायर की था उनका कहना था कि उन्हें पहले भत्ते मिलते थे और इसलिए उन्हें ड्रेस अलाउंस का पूरा हक है।CAT का बड़ा फैसला:-CAT, चंडीगढ़ ने कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाया है अदालत ने कहा कि MES के औद्योगिक कर्मचारियों को ड्रेस अलाउंस मिलना ही चाहिए। जिन्होंने पहले भत्ता वापस दिया था उन्हें वह राशि भी वापस मिलेगी।

CAT ने यह स्पष्ट किया कि लाभ न देना कानून के खिलाफ है।इस आदेश से सैकड़ों MES कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलेगा और उन्हें अब ड्रेस अलाउंस भी मिलेगा और जो राशि पहले वापस ली गई थी, वह भी उन्हें वापस मिलेगी। इस फैसले से MES में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि उन्हें भविष्य में इस भत्ते का लाभ मिलेगा।MES के कर्मचारी और उनके यूनियन इस फैसले से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से चल रहे अन्याय के खिलाफ न्याय है। कई कर्मचारियों की सैलरी से भत्ता वसूला गया था, जिससे वे आर्थिक रूप से प्रभावित हुए थे। अब उन्हें राहत मिलने से काफी खुशी है।जो कर्मचारी अब तक ड्रेस अलाउंस का लाभ नहीं ले रहे थे,

वे अपने विभाग या यूनियन के माध्यम से दावा कर सकते हैं। विभागों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि यह भत्ता सभी पात्र कर्मचारियों तक पहुंचे।इस आदेश से MES के कर्मचारियों के अधिकारों की पुष्टि हुई है और भविष्य में ऐसे विवाद कम होंगे। इससे यह साफ हो गया है कि कर्मचारियों के हक को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है।
रिपोर्ट
अमित कुमार
