मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में पिछले एक सप्ताह से पूरे इलाके को हिलाकर रख देने वाले 6 साल की बच्ची से रेप के मुख्य आरोपी सलमान (25) को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया।

गुरुवार देर रात भोपाल के गांधीनगर इलाके से गिरफ्तार करने के बाद जब गौहर्गंज पुलिस उसे लेकर जा रही थी, तब औबेदुल्लागंज के पास घने जंगल में आरोपी ने पुलिस पार्टी पर अचानक हमला बोल दिया। भागने की कोशिश में पुलिस को मजबूरन गोली चलानी पड़ी,

जिसमें सलमान के बाएं पैर में गोली लगी। उसे फौरन भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना का पूरा क्रम कुछ यूं रहा…

– 21 नवंबर: गौहर्गंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 6 साल की मासूम के साथ सलमान ने दुष्कर्म किया और फरार हो गया।
– 21-27 नवंबर: लगातार प्रदर्शन, सड़क जाम, हिंदू संगठनों का गुस्सा, बच्ची की हालत अभी भी गंभीर।
– 27 नवंबर रात 11 बजे: भोपाल क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी गांधीनगर की एक चाय की दुकान पर दिखा।
– रात 11:30 बजे: संयुक्त टीम ने दबिश देकर सलमान को धर दबोचा। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह जंगल के रास्ते 5 दिन पैदल चलकर भोपाल पहुंचा था।
– रात 1:30 बजे: गौहर्गंज पुलिस उसे लेकर रवाना हुई।
– रात लगभग 2 बजे: औबेदुल्लागंज के पास जंगल में पुलिस की गाड़ी रुकवाई। अंधेरे का फायदा उठाकर सलमान ने पुलिसकर्मी के हाथ से हथकड़ी खोलने की कोशिश की और चाकू निकालकर हमला कर दिया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई:
आत्मरक्षा में एक राउंड फायरिंग, गोली पैर में लगी। आरोपी जमीन पर गिरा। मौके से एक देशी चाकू बरामद। पुलिस का बयानरायसेन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे ने बताया, आरोपी ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया था। हमारे जवान ने आत्मरक्षा में केवल एक गोली चलाई जो पैर में लगी। पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रेट जांच कराई जा रही है। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट, बलात्कार और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं पहले से दर्ज हैं। ठीक होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इलाके में राहत, लेकिन गुस्सा बरकरार:-

गिरफ्तारी की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, लोग दीये जलाकर बच्ची की सलामती की दुआएं मांगने लगे। वहीं बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और जय मां भवानी हिंदू सेना के कार्यकर्ता भोपाल से रायसेन तक रात भर नारेबाजी करते रहे। उनका कहना है, “अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में रोज सुनवाई हो और दोषी को फांसी की सजा मिले।”बच्ची अभी भी भोपाल के एक निजी अस्पताल के ICU में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत स्थिर जरूर है, लेकिन पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं हुई है।
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
