नई दिल्ली।देश आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश, गर्व और राष्ट्रभक्ति के माहौल में मना रहा है राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी क्षमता का भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड कई मायनों में खास है, जहां आसमान में वायुसेना का ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में फ्लाईपास्ट दर्शकों को रोमांचित करेगा, वहीं जमीन पर 30 झांकियां और करीब 2500 कलाकारों की प्रस्तुतियां देश की विविधता को जीवंत करेंगीगणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई इसके बाद राष्ट्रपति ने कर्तव्य पथ पर परेड की सलामी ली परेड में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों ने अनुशासन और शौर्य का शानदार प्रदर्शन कियासिंदूर’ फॉर्मेशन में वायुसेना का फ्लाईपास्टइस बार वायुसेना के फ्लाईपास्ट को ‘सिंदूर’ नाम दिया गया है

लड़ाकू विमानों की सटीक उड़ान देश की सुरक्षा, साहस और बलिदान का प्रतीक मानी जा रही है आधुनिक लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट आसमान में शक्ति प्रदर्शन करते नजर आएंगे, जिससे भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता का संदेश जाएगा2 कूबड़ वाला ऊंट बना आकर्षणपरेड में इस बार 2 कूबड़ वाला ऊंट भी शामिल किया गया है, जो लद्दाख और शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों की पहचान माना जाता है इसके जरिए यह दर्शाया गया कि भारतीय सेना हर तरह की भौगोलिक परिस्थितियों में देश की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।30 झांकियों में दिखेगी भारत की संस्कृतिगणतंत्र दिवस परेड में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 30 झांकियां शामिल हैं। इन झांकियों के माध्यम से लोक कला, संस्कृति, परंपराएं, विकास योजनाएं और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाया गया है हर झांकी भारत की एकता में विविधता की भावना को मजबूती देती नजर आएगी

2500 कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतिकरीब 2500 कलाकार सामूहिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए देश की समृद्ध विरासत को मंच पर प्रस्तुत करेंगे लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत और आधुनिक प्रस्तुतियों के मेल से कार्यक्रम और भी आकर्षक बनेगाकड़े सुरक्षा इंतजाम,गणतंत्र दिवस को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक तकनीक की मदद से पूरे आयोजन क्षेत्र की निगरानी की जा रही है77वां गणतंत्र दिवस देश के संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाने का अवसर है यह पर्व भारत की एकता, अखंडता और आत्मनिर्भरता के संकल्प को और मजबूत करता है
