अहमदाबाद ,साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित वार्षिक काइट फेस्टिवल में आज भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर ने शिरकत की दोनों नेताओं ने न केवल पतंगबाजी का आनंद लिया, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों के साथ इस रंगीन उत्सव में शामिल होकर उत्साह बढ़ाया यह अवसर दो देशों के बीच दोस्ताना रिश्तों और सांस्कृतिक सहयोग को भी उजागर करता है फेस्टिवल का आयोजन साबरमती रिवरफ्रंट पर बड़े पैमाने पर किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक शामिल हुए पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने एक साथ पतंग उड़ाते हुए फेस्टिवल की शुरुआत की इस दौरान दोनों नेताओं ने स्थानीय कला और संस्कृति की सराहना की और पतंगबाजी की परंपरा को जारी रखने का संदेश दिया साबरमती रिवरफ्रंट पर यह कार्यक्रम विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा पीएम मोदी ने भी अपने ट्वीट में लिखा कि ऐसे उत्सव समाज में भाईचारे और सांस्कृतिक सौहार्द को बढ़ाते हैं

जर्मन चांसलर ने भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और उत्सवों की ऊर्जा अद्भुत है और इसे अनुभव करना उनके लिए सम्मान की बात हैइस अवसर पर दोनों नेताओं ने नागरिकों से बातचीत की और फेस्टिवल में लगी विभिन्न स्टॉल्स और कलाकृतियों का अवलोकन किया इस दौरान उन्हें स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प की झलक भी देखने को मिली फेस्टिवल में भाग लेने वाले लोगों ने मोदी और चांसलर की मौजूदगी पर उत्साह जताया और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई इस तरह के उत्सव न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि देशों के बीच दोस्ताना रिश्तों को भी मज़बूत बनाते हैं पीएम मोदी और जर्मन चांसलर की उपस्थिति ने फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय आयाम जोड़ दिया इससे यह संदेश भी गया कि भारत और जर्मनी सिर्फ आर्थिक और राजनीतिक ही नहीं,

बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी जुड़े हुए हैं फेस्टिवल के दौरान सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए थे इसके अलावा, फेस्टिवल में पतंग उड़ाने की प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे उत्सव समाज में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ाते हैं उन्होंने स्थानीय प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि साबरमती रिवरफ्रंट अब केवल एक पर्यटक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है जर्मन चांसलर ने भी इस बात की सराहना की कि भारत में पारंपरिक उत्सवों के माध्यम से लोगों में सामूहिक आनंद और ऊर्जा बनी रहती हैसाबरमती रिवरफ्रंट का यह वार्षिक काइट फेस्टिवल न केवल रंग-बिरंगी पतंगों के कारण आकर्षक रहा,

बल्कि इसमें दो देशों के नेताओं की सहभागिता ने इसे और भी विशेष बना दिया। इस उत्सव ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को एक साथ जोड़ने का काम किया इस प्रकार, पीएम मोदी और जर्मन चांसलर की उपस्थिति ने साबरमती रिवरफ्रंट काइट फेस्टिवल को एक यादगार और ऐतिहासिक घटना बना दिया यह न केवल दो देशों के बीच दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और उत्सवों की जीवंतता को भी प्रदर्शित करता है
