अमेरिका के 20 राज्यों की सरकारों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन के खिलाफ फेडरल अदालत में मुकदमा दायर किया है इन राज्यों में कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, इलिनॉइस और मैसाचुसेट्स जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले राज्य शामिल हैं राज्य सरकारों का दावा है कि ट्रंप प्रशासन की नई इमिग्रेशन नीति उच्च‑कुशल विदेशी पेशेवरों और सार्वजनिक संस्थाओं को गंभीर रूप से प्रभावित करेगी यह मुकदमा ट्रंप प्रशासन की नई गोल्ड कार्ड वीज़ा योजना और H‑1B वीज़ा शुल्क में भारी वृद्धि के खिलाफ है गोल्ड कार्ड प्रोग्राम के तहत विदेशी नागरिक लगभग 1 मिलियन डॉलर (करीब 9 करोड़ रुपये) का भुगतान करके अमेरिका में स्थायी निवास और नागरिकता पाने का विकल्प प्राप्त कर सकते हैं वहीं, H‑1B वीज़ा पर शुल्क बढ़ने से कंपनियों और संस्थानों के लिए उच्च‑कुशल कर्मचारियों को रखना महंगा और मुश्किल हो जाएगा राज्यों का आरोप है कि प्रशासन ने इस नीति को लागू करने में उचित नियमों और नोटिस‑और‑टिप्पणी प्रक्रिया का पालन नहीं किया यह मुकदमा हाल ही में दायर किया गया है, तुरंत बाद जब ट्रंप प्रशासन ने गोल्ड कार्ड योजना और H‑1B वीज़ा शुल्क में वृद्धि की घोषणा की इस कदम से पहले भी ट्रंप प्रशासन ने कई उच्च‑कुशल वीज़ा नीतियों में बदलाव किए थे, लेकिन इस बार शुल्क इतनी बड़ी राशि तक बढ़ाई गई है कि राज्यों ने इसे कानून का उल्लंघन मान लिया यह मुकदमा अमेरिका की संघीय अदालतों में दायर किया गया है,

और यह पूरे अमेरिका में लागू होने वाली वीज़ा नीति को चुनौती देता है इस मामले से प्रभावित होंगे वे सभी राज्य और संस्थान जिनमें विदेशी पेशेवर काम कर रहे हैं, जैसे कि स्कूल, विश्वविद्यालय, अस्पताल और शोध संस्थान ,राज्य सरकारों का कहना है कि इस नीति से स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं जैसी उच्च‑कुशल पेशेवरों की कमी और बढ़ सकती है H‑1B वीज़ा पर भारी शुल्क से संस्थाओं के लिए विदेशी कर्मचारियों को रखना मुश्किल हो जाएगा इसके अलावा, गोल्ड कार्ड योजना केवल अमीर निवेशकों के लिए खुली है, जिससे आम प्रतिभाशाली छात्रों और पेशेवरों के अवसर सीमित होंगे मुकदमे में यह भी कहा गया है कि प्रशासन ने इस नीति को लागू करने से पहले Administrative Procedure Act के तहत जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया मुकदमा दायर कर राज्य सरकारें अदालत से अनुरोध कर रही हैं

कि नई वीज़ा फीस नीति और गोल्ड कार्ड योजना को अवैध घोषित किया जाए और लागू होने से रोका जाए अगर यह नीति लागू होती है, तो अमेरिका में उच्च‑कुशल प्रतिभाओं की उपलब्धता पर असर पड़ेगा और सार्वजनिक संस्थाओं में विशेषज्ञों की कमी बढ़ सकती है वहीं, ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि यह योजना अमेरिका को शीर्ष प्रतिभाओं के लिए आकर्षक बनाएगी और घरेलू अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाएगी
