इंदौर में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है अब तक डायरिया से प्रभावित मरीजों की संख्या 398 तक पहुंच चुकी है, जबकि 11 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें ICU में भर्ती किया गया है हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया हैस्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक डायरिया के बढ़ते मामलों के पीछे सबसे बड़ी वजह दूषित पेयजल मानी जा रही है कई इलाकों में पानी की पाइपलाइन लीकेज और गंदे पानी के सप्लाई सिस्टम में मिलने की शिकायतें सामने आई हैं इसी कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है प्रशासन ने अब तक 9 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग कराई है, ताकि बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके ,डायरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं, जहां साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पहले से ही चुनौती बनी हुई है इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं और जरूरी दवाइयां वितरित की जा रही हैं इसके साथ ही लोगों को उबला हुआ पानी पीने, हाथों की साफ-सफाई रखने और खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी जा रही है

अस्पतालों में भी डायरिया मरीजों की संख्या बढ़ने से दबाव बढ़ गया है जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाए गए हैं, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके डॉक्टरों का कहना है कि अधिकतर मरीजों में डिहाइड्रेशन की समस्या देखी जा रही है, जबकि कुछ गंभीर मामलों में मरीजों को ICU में शिफ्ट करना पड़ा है हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है नगर निगम और जल प्रदाय विभाग ने भी हालात की गंभीरता को देखते हुए पानी की सप्लाई व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है कई जगहों पर पाइपलाइनों की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है और टैंकरों के जरिए साफ पानी की आपूर्ति की जा रही है साथ ही, संदिग्ध पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं,

ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके।स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि डायरिया एक जलजनित बीमारी है और थोड़ी सी लापरवाही इसे जानलेवा बना सकती है उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी को दस्त, उल्टी, पेट दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें और घरेलू इलाज के भरोसे न रहें। समय पर इलाज से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है इधर, शहर में बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं खाद्य विभाग भी होटल, ढाबों और ठेलों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच कर रहा है,

ताकि खराब और दूषित खाने से फैलने वाले संक्रमण को रोका जा सके इंदौर में डायरिया की स्थिति अभी नियंत्रण में नहीं आई है, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहा है आने वाले दिनों में यदि लोग सतर्कता बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, तो इस प्रकोप पर काबू पाया जा सकता है
