कांग्रेस के भीतर एक बार फिर वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आए हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर दिए गए बयान और उससे जुड़ी एक तस्वीर को साझा करने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नाराजगी झेलनी पड़ी है राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि दिग्विजय सिंह ने जो किया, वह गलत था और इससे पार्टी की स्पष्ट वैचारिक लाइन को नुकसान पहुंचता है दरअसल, दिग्विजय सिंह ने हाल ही में एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी,

जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के सामने जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं इस तस्वीर के साथ दिग्विजय सिंह ने RSS और उसके अनुशासन की तारीफ से जुड़ी टिप्पणी की थी यह पोस्ट सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई और कांग्रेस के भीतर भी इस पर असहजता दिखाई देने लगी राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर दिग्विजय सिंह से बातचीत की और उन्हें स्पष्ट किया कि RSS को लेकर कांग्रेस की विचारधारा बिल्कुल साफ है पार्टी लंबे समय से RSS की राजनीति और उसकी विचारधारा का विरोध करती रही है ऐसे में किसी वरिष्ठ नेता द्वारा RSS की तारीफ या उससे जुड़ी सकारात्मक टिप्पणी पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ मानी जाती है इस तरह की पोस्ट से न सिर्फ विरोधाभासी संदेश जाता है,

बल्कि राजनीतिक विरोधियों को भी हमला करने का मौका मिलता हैकांग्रेस नेताओं का मानना है कि लालकृष्ण आडवाणी भाजपा और संघ परिवार के एक बड़े चेहरे रहे हैं और उनके साथ जुड़ी किसी भी तस्वीर या संदर्भ को बेहद सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाना चाहिए खासतौर पर तब, जब उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हों पार्टी के भीतर यह चिंता भी जताई गई कि दिग्विजय सिंह जैसे अनुभवी नेता से ऐसी चूक की उम्मीद नहीं थी हालांकि, दिग्विजय सिंह अपने बयानों के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं और कई बार पार्टी लाइन से हटकर टिप्पणी करने के कारण विवादों में घिरे हैं इस बार RSS और आडवाणी से जुड़ा मामला होने के कारण यह मुद्दा और ज्यादा संवेदनशील बन गया है कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है कि दिग्विजय सिंह की मंशा भले ही ऐतिहासिक संदर्भ या राजनीतिक व्यंग्य की रही हो,

लेकिन मौजूदा सियासी माहौल में इसे गलत तरीके से लिया गया इस पूरे घटनाक्रम से यह भी साफ हो गया है कि कांग्रेस नेतृत्व अब संगठनात्मक अनुशासन और विचारधारा को लेकर कोई ढील देने के मूड में नहीं है राहुल गांधी लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि पार्टी की लाइन से हटकर दिए गए बयान या सोशल मीडिया पोस्ट बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, चाहे वह कितने ही वरिष्ठ नेता क्यों न हों यह विवाद आने वाले समय में कांग्रेस के भीतर आंतरिक अनुशासन को और मजबूत करने की दिशा में एक संकेत हो सकता है वहीं, भाजपा ने भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि विपक्ष खुद अपनी विचारधारा को लेकर भ्रम में है आडवाणी के सामने बैठे मोदी की तस्वीर और RSS की तारीफ से जुड़ा यह मामला कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को उजागर करता है और यह दिखाता है कि विचारधारा को लेकर पार्टी नेतृत्व कितना सतर्क है
