मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही सोमवार को शुरू हुआ लेकिन कफ सिरप से बच्चों की मौत पर हंगामा हुआ । सदन में प्रवेश करने से पहले ही माहौल तब गर्म हो गया, जब विपक्षी दलों के विधायक बच्चों के पुतले लेकर विधानसभा के गेट पर पहुँचे। इस दौरान एक महिला विधायक ने पूतना का वेश धारण किया जो इस विरोध का सबसे केंद्रित और प्रतीकात्मक रूप था।

विपक्ष ने इसे मासूमों की मौत पर सरकार की संवेदनहीनता बताकर कड़ा विरोध दर्ज किया है यह पूरा प्रदर्शन हाल ही में इंदौर और छिंदवाड़ा में हुई बच्चों की मौत तथा एक BLO की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मुद्दों से जुड़ा हुआ था।इस प्रदर्शन में पूतना का वेश धारण करने का उद्देश्य था कि विपक्ष सरकार को यह संदेश देना कि जहरीली दवाओं,लापरवाह स्वास्थ्य प्रबंधन और दबाव वाली व्यवस्था ने उन मासूम बच्चों की जान ली है जिन्हें राज्य की सुरक्षा का भरोसा होना चाहिए था। हिंदू पौराणिक कथाओं में पूतना एक ऐसी दानवी दिखाई जाती है, जो दूध पिलाने के बहाने बच्चों की जान ले लेती है।

इसी प्रतीक का उपयोग कर विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र की भारी लापरवाही बच्चों की मौत का कारण बन रही है।कुछ महीने पहले छिंदवाड़ा जिले में कफ-सिरप पीने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी जिससे बच्ची की मौत हो गई, और प्रदेशभर में हड़कंप मच गया। आरोप है कि बच्चों को जो कफ-सिरप दिया गया, वह या तो जहरीला था, एक्सपायरी के करीब का था या उसकी क्वालिटी मानकों पर खरी नहीं उतरी। दूसरी तरफ, सरकार ने शुरुआती जांच में इसे संयोग बताते हुए स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश भी दिया है परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी काम का बोझ कम नहीं कर रहे थे और बीमारी के बावजूद कार्य करवाया जा रहा था। विपक्ष ने इसे प्रशासनिक अत्याचार बताते हुए कहा कि राज्य में सरकारी कर्मचारियों पर काम का दबाव असहनीय होता जा रहा है।सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी।

जैसे ही स्पीकर ने प्रश्नकाल शुरू किया विपक्षी दलों के सदस्य अपनी सीटों से उठ गए और हंगामा करने लगे। उनके हाथ में पुतले थे और वे बार–बार सरकार से यही सवाल पूछ रहे थे कि,बच्चों की मौत का दोषी कौन?,जहरीला कफ-सिरप कहाँ से आयाक्यों नहीं की गई समय पर कार्रवाई,BLO की मौत पर सरकार क्या जवाब देगी?हंगामा इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए सदन स्थगित करना पड़ा।सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जा रही है,दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी और दवाओं की क्वालिटी टेस्ट रिपोर्ट जल्द पेश की जाएगी,
रिपोर्ट
अमर सिंह
