यह तमाम मजदूर इकट्ठा हो गए इंडिया टीवी के ऑफिस के दफ्तर के बाहर सिर्फ यह बताने के लिए कि अगर आपको हमारी समस्याएं नहीं दिखाई दे रही हैं तो हम आपके ऑफिस के दफ्तर के बाहर आ जाते हैं और आप यहीं हमारी समस्या देखिए।

यहां तो आपको हमसे बात करनी पड़ेगी और हमारी समस्याओं को अपने चैनल पर दिखाना पड़ेगा। इस देश की मीडिया के लिए कितना शर्मनाक है कि जिस मीडिया को सड़क पर उतर कर खुद समस्याएं तलाशनी चाहिए थी, समस्या अब उनके दफ्तर के दरवाजे पहुंची है कि उन्हें दिखाया जाए। लेकिन गोदी मीडिया की हकीकत तो देखिए मीडिया मजदूरों की समस्या पर बात करने से ज्यादा पाकिस्तानी कनेक्शन तलाश रही हैं शर्म आनी चाहिए देश की मीडिया को
