मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है राज्य ने अपने निर्धारित समय से पहले ही भारत का पहला नक्सल मुक्त राज्य बनने का गौरव हासिल किया है यह ऐतिहासिक कदम न सिर्फ प्रदेश सरकार की योजना का परिणाम है, बल्कि इसके पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीतिक योजना और मार्गदर्शन का भी अहम योगदान है मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश और देश के लिए एक नई सुरक्षा कहानी लिख रही है मध्यप्रदेश के अंतिम सक्रिय नक्सली अब आत्मसमर्पण कर चुके हैं

बालाघाट जिले में दो प्रमुख नक्सलियों के सरेंडर के बाद पूरे राज्य में नक्सलवाद का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो गया राज्य की नक्सल विरोधी हॉक फोर्स और पुलिस ने सालों की मेहनत और रणनीति के बाद यह सुनिश्चित किया कि नक्सल नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो जाए इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही मध्यप्रदेश अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जो अपने निर्धारित लक्ष्य से पहले ही नक्सल मुक्त घोषित हुआ यह उपलब्धि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस और प्रशासन के लिए भी गर्व का विषय है यह अभियान मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जिलों में केंद्रित रहा इन जिलों में नक्सलियों की लंबे समय से सक्रिय गतिविधियाँ देखी जा रही थीं। KB डिवीजन के जंगल और दूरदराज़ इलाके भी इस अभियान का अहम हिस्सा थे, जहाँ नक्सली अपने ठिकानों और नेटवर्क के माध्यम से आतंक फैलाते थे इस ऐतिहासिक घोषणा से पहले बालाघाट जिले में अंतिम नक्सलियों के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई

निर्धारित समय से पहले यह उपलब्धि हासिल करना राज्य और केंद्र दोनों के लिए गौरव का विषय है मध्यप्रदेश सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने का लक्ष्य स्पष्ट रूप से तय किया था।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और योजना के तहत सुरक्षा बलों और पुलिस ने नक्सलियों को कमजोर करने के लिए एक रणनीति बनाई इसके तहत केवल सैन्य कार्रवाई ही नहीं, बल्कि संवाद और पुनर्वास पर भी जोर दिया गया अमित शाह ने यह सुनिश्चित किया कि नक्सलियों के लिए दो ही विकल्प रहें आत्मसमर्पण या कार्रवाई का सामना करना ,सुरक्षा और खुफिया तंत्र का समन्वय मध्यप्रदेश पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने मिलकर नक्सल नेटवर्क का विश्लेषण किया

स्थानीय प्रशासन और समुदाय का सहयोग नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों के विश्वास को जीतकर नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया KB डिवीजन और जंगल क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए गए अमित शाह की नीति के अनुसार, यह अभियान हिंसा के साथ-साथ पुनर्वास और रोजगार की योजनाओं के माध्यम से भी था सरेंडर और पुनर्वास प्रक्रिया नक्सलियों को सशर्त सरेंडर और पुनर्वास की पेशकश की गई, जिससे उनके हथियार छोड़ने की प्रक्रिया आसान हुईइसमें मुख्य लोग मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह थे इसमें सहायक लोग ,मध्यप्रदेश पुलिस, हॉक फोर्स, केंद्रीय खुफिया एजेंसियाँ, सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन थे सीएम मोहन यादव ने कहा कि अमित शाह के मार्गदर्शन से नक्सलियों के सामने केवल दो विकल्प थे सरेंडर या सामना अब मध्यप्रदेश पूरी तरह सुरक्षित है और जनता को शांति का वातावरण मिलेगा ,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता पर गर्व जताया है

उन्होंने कहा कि यह राज्य देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेगा अमित शाह के निर्देशों के तहत नक्सलियों को समझाने, सरेंडर कराने और पुनर्वास की योजना बनाई गई, जिससे लंबे समय से चली आ रही हिंसा खत्म हुई मध्यप्रदेश अब न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा में उदाहरण बन गया है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि केंद्रीय मार्गदर्शन, रणनीति और राज्य सरकार की मेहनत से नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जा सकता है इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने प्रदेश की जनता और प्रशासन दोनों को नया आत्मविश्वास दिया है और सुरक्षा, शांति और विकास की नई कहानी लिखी है
