Narendra Modi ने असम दौरे के दौरान राज्य को एक बड़ी सौगात देते हुए भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री का विमान मोरन हाईवे पर विशेष रूप से तैयार किए गए एयरस्ट्रिप पर उतरा, जिसने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया यह हाईवे रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यहां से चीन सीमा की दूरी लगभग 300 किलोमीटर बताई जाती हैप्रधानमंत्री ने उद्घाटन समारोह में कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के विकास का नया इंजन बन रहा है। भास्कर वर्मा सेतु के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और व्यापार, पर्यटन तथा स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है

मोरन हाईवे पर विमान की लैंडिंग को लेकर भी खास तैयारियां की गई थीं सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही इलाके की घेराबंदी कर ली थी और हाईवे के एक हिस्से को अस्थायी रनवे में बदला गया था। इस लैंडिंग को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियों में हाईवे का उपयोग वायुसेना के विमानों के लिए किया जा सकता हैअपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और पुल नेटवर्क से सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे विकास के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी उन्होंने असम सरकार और स्थानीय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर पूर्वोत्तर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं

भास्कर वर्मा सेतु के शुरू होने से आसपास के जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे लोगों का समय और परिवहन लागत दोनों कम होंगे स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने इस परियोजना का स्वागत किया है और इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया हैप्रधानमंत्री के दौरे को लेकर असम में व्यापक उत्साह देखा गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। यह दौरा विकास और सामरिक महत्व—दोनों दृष्टियों से अहम माना जा रहा है
