उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बस अल्मोड़ा जिले के पहाड़ी मार्ग से होकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी रास्ते में एक तीखे मोड़ पर चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा,

जिसके बाद बस सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी इस हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर रवाना की गईं दुर्गम और पहाड़ी इलाका होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा SDRF की टीम ने रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकाला हादसे में गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद रामनगर के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें लगातार डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। स्थानीय अस्पतालों में भी घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई हैपुलिस ने , मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है। प्रशासन ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है

वहीं, जिला प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए है प्रारंभिक जांच में सड़क की स्थिति और साफ मौसम होने की बात सामने आई है, हालांकि चालक की लापरवाही या तकनीकी खराबी की भी जांच की जा रही है मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हादसे पर गहरा दुख जताया है मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और रेस्क्यू कार्य में कोई कोताही न बरती जाए साथ ही, मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा देने की घोषणा भी की गई है

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सड़क हादसों की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं संकरे रास्ते, तीखे मोड़ और गहरी खाइयों के कारण यहां सफर जोखिम भरा होता है प्रशासन द्वारा समय-समय पर सुरक्षा उपायों की बात की जाती है, लेकिन ऐसे हादसे कई सवाल खड़े कर देते हैंफिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग पूरा कर लिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और यातायात नियमों का पालन करें।
