पटना में तेजप्रताप यादव ने शुक्रवार को एक ऐसा बयान दिया है जिसने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी उन्होंने साफ कहा कि उनकी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव लड़ेगी तेजप्रताप ने कहा कि वे अब अपनी राजनीतिक लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाएंगे और बिहार के बाहर भी संगठन खड़ा करेंगेतेजप्रताप ने यह घोषणा उस समय की जब वे हाल ही में हुए चुनावों में मिली हार और पार्टी के भीतर उभर रहे मतभेदों को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं उन्होंने दावा किया कि बिहार में राजनीतिक स्थिति ऐसी है कि किसी भी नेता की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और सच कहूं तो मैं खुद भी सुरक्षित नहीं हूं।कभी भी हमला हो सकता है मुझे लगातार धमकियां मिलती रहती हैं तेजप्रताप ने अपने इस बयान के जरिए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है उनकी सुरक्षा को लेकर कई बार उन्होंने सरकार के सामने आग्रह किया है लेकिन कार्रवाई उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई उनके राजनीतिक रुख और पार्टी विस्तार के चलते उनके खिलाफ साजिशें हो रही हैं और वे किसी भी अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं करते बिहार में स्थिति बिगड़ती जा रही है और इससे महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा पर सबसे बड़ा खतरा खड़ा हो गया है

चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजप्रताप ने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी अब ‘बिहार तक सीमित पार्टी’ नहीं कहलाएगीहमारी पार्टी अब बंगाल और यूपी में भी उम्मीदवार उतारेगी हमने अब फैसला कर लिया है कि जिस तरह की राजनीति हो रही है, उससे बाहर निकलकर एक नया रास्ता बनाना होगा तेजप्रताप के इस बयान को उनके राजनीतिक भविष्य और नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब बिहार की राजनीति में लगातार नए समीकरण बन रहे हैंयह न सिर्फ राजनीतिक विस्तार की घोषणा है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि वे अब अपनी पार्टी को हर बड़े राज्य में स्थापित करने की रणनीति बना चुके हैं सुरक्षा को लेकर दिए गए उनके बयान पर विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं, क्योंकि तेजप्रताप ने सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं उनके इस बयान के बाद बिहार में सियासी तापमान बढ़ गया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी किस हद तक जमीन तलाश पाती है हालांकि, तेजप्रताप के समर्थक उनके फैसले को राजनीतिक विस्तार का साहसिक कदम बता रहे हैं
