बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरी घोषणा की है राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि अब UPSC, BPSC और अन्य प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दिव्यांग उम्मीदवारों को ₹1 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी इस योजना का उद्देश्य है कि दिव्यांग उम्मीदवार आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपनी तैयारी पूरी कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं में मुख्यधारा के उम्मीदवारों के साथ बराबरी का अवसर पा सकेंयह कदम दिव्यांग अभ्यर्थियों को सशक्त बनाने, उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सक्षम बनाने और उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है कई बार प्रतिभाशाली दिव्यांग उम्मीदवार आर्थिक कारणों से अपनी तैयारी को छोड़ने के लिए मजबूर होते हैं, और इसी समस्या को दूर करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है इस योजना के तहत दिव्यांग उम्मीदवारों को UPSC, BPSC और अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए ₹1 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी

यह राशि सीधे अभ्यर्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी और इसे कोचिंग फीस, अध्ययन सामग्री, किताबें, हॉस्टल, यात्रा, परीक्षा शुल्क और अन्य तैयारी से जुड़े खर्चों पर खर्च किया जा सकेगासरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना सभी दिव्यांग श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध होगी, जिनमें दृष्टिहीन, श्रवण बाधित, शारीरिक रूप से असमर्थ, मानसिक या बौद्धिक दिव्यांगता वाले शामिल हैं इसका उद्देश्य किसी भी प्रतिभाशाली दिव्यांग छात्र को आर्थिक रूप से पिछड़ने से रोकना और उन्हें मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर देना है सिविल सेवा की तैयारी बहुत मेहनत और संसाधनों की मांग करती है दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह चुनौती और भी बड़ी होती है।कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रतिभाशाली छात्र कोचिंग छोड़ देते हैं या सीमित संसाधनों के साथ संघर्ष करते हैंसरकार ने इस योजना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि प्रतिभा और मेहनत के आधार पर किसी भी दिव्यांग उम्मीदवार की तैयारी प्रभावित न हो यह कदम दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में बराबरी का अवसर देने में मदद करेगा अभ्यर्थी आने वाले सत्र से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं इस से संबंधित विभाग जल्द ही आवेदन प्रक्रिया, दिशा-निर्देश और पात्रता मापदंड जारी करेगा सरकार का मानना है कि जल्दी से जल्दी लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान करना बेहद जरूरी है

ताकि दिव्यांग उम्मीदवार अपनी तैयारी को समय पर जारी रख सकें इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे देश के किसी भी कोने से अभ्यर्थी आसानी से आवेदन कर सकेंगेयह योजना राष्ट्रीय स्तर की है देश के सभी दिव्यांग उम्मीदवार इसका लाभ उठा सकेंगे सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें किसी भी मान्यता प्राप्त कोचिंग संस्थान या ऑनलाइन कोर्स के लिए इसका उपयोग करने में सुविधा होगी इसके साथ ही योजना का लाभ उन छात्रों को भी मिलेगा जो अपनी तैयारी घर से ऑनलाइन माध्यम से कर रहे हैं इससे योजना का दायरा बहुत व्यापक और समावेशी बना है इस योजना का लाभ सभी मान्यता प्राप्त दिव्यांग उम्मीदवार उठा सकेंगे जिसमें से यह सब शामिल हैं: – दृष्टिहीन और दृष्टिबाधित छात्र,श्रवण बाधित छात्र,शारीरिक रूप से असमर्थ उम्मीदवार,मानसिक या बौद्धिक दिव्यांगता वाले छात्र,सरकार ने कहा है कि आर्थिक सहायता पात्र उम्मीदवारों को सीधे बैंक खाते में दी जाएगी इससे यह सुनिश्चित होगा कि धन का उपयोग सही तरीके से केवल तैयारी और कोचिंग से जुड़े खर्चों पर हो

,इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी अभ्यर्थियों को संबंधित सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे दस्तावेज़ों की पुष्टि के बाद, सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी इस राशि का उपयोग कोचिंग, किताबें, हॉस्टल, यात्रा, परीक्षा शुल्क और तैयारी से जुड़े अन्य खर्चों में किया जा सकता है। यह योजना दिव्यांग अभ्यर्थियों को मुख्यधारा में बराबरी का अवसर देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है इससे उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूती मिलेगी और वे पूरी तरह अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे दिव्यांग उम्मीदवारों में प्रतिभा की कमी नहीं है, बल्कि अक्सर संसाधनों की कमी उनके लिए सबसे बड़ी बाधा बन जाती है

इस योजना से वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकेंगे और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता पाने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे कुछ छात्रों ने इस योजना की स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके लिए जीवन बदलने वाला कदम है अब उन्हें आर्थिक परेशानियों के कारण तैयारी छोड़ने की चिंता नहीं रहेगी और वे अपने सपनों की ओर पूरी मेहनत से बढ़ सकेंगे
