पटना, 25 नवंबर 2025 बिहार की राजनीति में एक बड़ी प्रशासनिक हलचल उस समय देखने को मिली जब बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को उनके वर्तमान सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को सरकार ने खाली करने का नोटिस जारी कर दिया राज्य सरकार ने इस आवास को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करते हुए उन्हें शहर के वीआईपी इलाके हार्डिंग रोड में नया सरकारी बंगला आवंटित कर दिया है। इस फैसले ने न केवल राजनीतिक माहौल में नई चर्चा छेड़ दी है, बल्कि यह कदम करीब 20 साल से उसी घर में रह रहे लालू प्रसाद यादव के पुरे परिवार के लिए भी एक बड़ा बदलाव है।#नोटिस जारी होने की वजह :-

भवन निर्माण विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर कहा है कि राबड़ी देवी फिलहाल बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद पर हैं। इस पद के लिए अलग श्रेणी का सरकारी आवास निर्धारित होता है उसके लिए 10 सर्कुलर रोड का बंगला पूर्व मुख्यमंत्रियों की श्रेणी में आता है।सरकारी नियमों के तहत किसी भी जनप्रतिनिधि को उसके वर्तमान पद के अनुसार ही आवास दिया जाता है। यही कारण है कि भवन निर्माण विभाग ने इस आवास को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करते हुए नया बंगला अलॉट किया है।आदेश भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव और भू-सम्पदा अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि राबड़ी देवी को एक निश्चित समयावधि में बंगला खाली करना होगा और नए आवास में शिफ्ट होना होगा।#कहां पर नया बंगला मिला है और कौन सा:-

सरकार ने उन्हें 39, हार्डिंग रोड, पटना का नया आवास आवंटित किया है। यह बिहार सरकार के केंद्रीय पूल बंगले की श्रेणी में आता है, जहाँ नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा,विधान परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को आवास दिया जाता है जो हार्डिंग रोड पटना का सबसे वीआईपी और सुरक्षित इलाकों में से एक माना जाता है।अधिकांश मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विधान परिषद सदस्यों के आवास इसी इलाके में स्थित हैं सरकार का कहना है कि राबड़ी देवी को उनके संवैधानिक पद के अनुरूप ही यह आवास दिया गया है। 20 साल बाद घर बदलने की वजह:-

10 सर्कुलर रोड पटना में लालू यादव और राबड़ी देवी पिछले दो दशकों से निवास कर रहे हैं।यहीं से लालू यादव के राजनीतिक निर्णय लिए जाते थे और यहीं पर पत्रकार सबसे ज्यादा जुटते थे यही कारण है कि यह केवल आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक प्रतीक के बदलने के रूप में भी देखा जा रहा है।लालू परिवार की घरेलू और राजनीतिक गतिविधियों की वजह से इस बंगले का अपना अलग महत्व बन चुका था।
