ईरान में बढ़ती महंगाई के खिलाफ जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है जिसके वजह से हजारों लोग राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में प्रदर्शन करने उतरे, जिसे पिछले तीन सालों का सबसे बड़ा जनआंदोलन बताया जा रहा है हालात इतने गंभीर हो गए कि दबाव में आकर ईरान के सेंट्रल बैंक के प्रमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया बीते कुछ महीनों में ईरान में खाद्य पदार्थों, ईंधन और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं महंगाई दर लगातार रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है, जिससे आम लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है बेरोजगारी और मुद्रा के अवमूल्यन ने हालात को और बिगाड़ दिया है इसी के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की,प्रदर्शनकारियों ने सरकार और सेंट्रल बैंक को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया ,महंगाई बंद करो

आर्थिक नीतियां बदलो जैसे नारों के साथ लोग घंटों तक सड़कों पर जमे रहे।कई जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई, हालांकि ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताए जा रहे हैं। कुछ इलाकों में तनाव की स्थिति भी देखने को मिली हालात को संभालने के लिए सरकार के भीतर भी हलचल तेज हो गई इसी दबाव के बीच सेंट्रल बैंक के गवर्नर ने इस्तीफा दे दिया, जिसे जनता के आक्रोश का सीधा नतीजा माना जा रहा है हालांकि सरकार की ओर से अब तक इस्तीफे की वजह को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है

अमेरिकी प्रतिबंधों, कमजोर मुद्रा और गलत आर्थिक फैसलों ने ईरान की अर्थव्यवस्था को गहरे संकट में डाल दिया है तेल निर्यात पर असर और विदेशी निवेश की कमी से सरकार की आमदनी घटी है, जिसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ रहा है यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अगर महंगाई और बेरोजगारी पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है

फिलहाल सरकार नए सेंट्रल बैंक प्रमुख की नियुक्ति और आर्थिक सुधारों के संकेत दे रही है ईरान में महंगाई के खिलाफ भड़का यह जनआक्रोश न सिर्फ आर्थिक संकट की गंभीरता दिखाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि जनता अब हालात से समझौता करने के मूड में नहीं है
