भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई है एक अमेरिकी थिंक टैंक की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव या सीमित युद्ध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियां इस संभावित संघर्ष की सबसे बड़ी वजह बन सकती हैं अमेरिकी थिंक टैंक का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में कश्मीर क्षेत्र में आतंकवादी घटनाओं और सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों में इजाफा हुआ है

ऐसे हालात में किसी बड़े आतंकी हमले के बाद भारत की कड़ी प्रतिक्रिया और उसके जवाब में पाकिस्तान की सैन्य प्रतिक्रिया हालात को युद्ध की ओर धकेल सकती है रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास इस खतरे को और बढ़ाता है भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों ने हाल के वर्षों में अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी की है और हथियारों की खरीद तेज की है आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम पर भारी निवेश किया जा रहा है अमेरिकी थिंक टैंक का मानना है कि हथियारों की यह होड़ क्षेत्रीय अस्थिरता को और गंभीर बना सकती है भारत आतंकवाद को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है, जबकि पाकिस्तान अपनी सैन्य रणनीति में भारत को केंद्र में रखता है

ऐसे में कश्मीर में किसी भी तरह की बड़ी आतंकी घटना दोनों देशों को आमने-सामने ला सकती है इस रिपोर्ट में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक का भी जिक्र किया गया है, जिनके बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था,परमाणु हथियारों की मौजूदगी के बावजूद सीमित सैन्य टकराव की संभावना बनी रहती है थिंक टैंक का मानना है कि दोनों देश पूर्ण युद्ध से बचने की कोशिश करेंगे, लेकिन सीमित संघर्ष या सैन्य कार्रवाई का खतरा बना रह सकता है यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस क्षेत्र पर लगातार नजर बनाए हुए है यदि कश्मीर में हालात और बिगड़ते हैं या सीमा पार से आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी होती है, तो कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश कम होती जाएगी ऐसे में सैन्य विकल्पों पर विचार बढ़ सकता है

अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियों से अपील की गई है कि वे भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद को बढ़ावा दें और तनाव कम करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हालांकि भारत और पाकिस्तान, दोनों की ओर से इस रिपोर्ट पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम रहेगा वहीं पाकिस्तान अक्सर ऐसे दावों को खारिज करते हुए क्षेत्रीय शांति की बात करता रहा है अमेरिकी थिंक टैंक की यह रिपोर्ट दक्षिण एशिया में बढ़ते तनाव की ओर इशारा करती है आने वाले समय में कश्मीर की स्थिति, आतंकवाद पर कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास यह तय करेंगे कि भारत-पाक संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी यह एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है
