कोलंबो के मैदान पर खेले गए टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में क्रिकेट जगत को चौंकाने वाला परिणाम देखने को मिला। अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली जिम्बाब्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने न केवल दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि दुनिया को यह भी दिखा दिया कि क्रिकेट में कुछ भी संभव है।मैच की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका यह निर्णय शुरुआत में सही साबित होता नहीं दिखा, क्योंकि जिम्बाब्वे के ओपनरों ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। खास तौर पर ब्रायन बेनेट ने 64 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम की नींव मजबूत कर दी। उनकी इस पारी में बेहतरीन टाइमिंग और आकर्षक शॉट्स देखने को मिले।मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भी जिम्मेदारी से खेलते हुए रनगति को बनाए रखा।

नियमित अंतराल पर रन बनते रहे और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को मैच में वापसी का ज्यादा मौका नहीं मिला। निर्धारित 20 ओवर में जिम्बाब्वे ने केवल दो विकेट खोकर 169 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कोई भी गेंदबाज खास प्रभाव नहीं छोड़ सका, जिससे टीम पर दबाव बढ़ता गया।170 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। शुरुआती ओवरों में ही विकेट गिरने लगे और टीम दबाव में आ गई। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ आक्रामक गेंदबाजी की। पारी को संभालने की कोशिश मैट रेन्शॉ ने की, जिन्होंने 65 रनों की जुझारू पारी खेली। उनके अलावा ग्लेन मैक्सवेल ने 31 रन बनाए, लेकिन वे टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। जिम्बाब्वे की जीत में सबसे अहम भूमिका तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने निभाई।

उन्होंने चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। वहीं ब्रैड इवांस ने भी तीन विकेट झटककर ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनकी सधी हुई गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी बार हराया है। इससे पहले 2007 में भी जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। इस जीत से जिम्बाब्वे का मनोबल काफी ऊंचा होगा और टीम आगे के मुकाबलों में और आत्मविश्वास के साथ उतरेगी।दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार बड़ा झटका है। सेमीफाइनल में पहुंचने की उनकी राह अब कठिन हो सकती है। उन्हें आने वाले मैचों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। कुल मिलाकर, यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच और आश्चर्य से भरपूर रहा, जिसने साबित कर दिया कि क्रिकेट में नाम नहीं, प्रदर्शन मायने रखता है।
