कोलकाता ,नई दिल्ली:- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि SIR (स्पेशल इन्फॉर्मेशन रजिस्ट्रेशन/रिकॉर्ड) के नाम पर आम लोगों की जानकारी भाजपा के मोबाइल ऐप के जरिए जुटाई जा रही है ममता का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग निष्पक्ष भूमिका निभाने में विफल रहा है, जिससे आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है इसी मुद्दे को लेकर TMC ने अब सुप्रीम कोर्ट दरवाजा खटखटाया है ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अपनाई जा रही यह प्रक्रिया लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है

उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर लोगों से निजी जानकारियां मांगी जा रही हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर भाजपा से जुड़े मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा रहा है ममता ने कहा चुनाव आयोग को निष्पक्ष रहना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं दिख रहा। लोगों की निजता से खिलवाड़ किया जा रहा है मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के कई इलाकों में आम नागरिकों को बार-बार बुलाया जा रहा है, उनसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी जानकारी अपलोड करवाई जा रही है.ममता का कहना है कि इससे खासकर गरीब, बुजुर्ग और ग्रामीण इलाकों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब मतदाता पहले से ही पंजीकृत हैं, तो फिर इस तरह की अतिरिक्त कवायद क्यों की जा रही है TMC नेताओं का दावा है कि यह पूरी कवायद चुनाव से पहले मतदाता सूची और डेटा मैनेजमेंट के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश का हिस्सा है पार्टी का कहना है कि अगर किसी तरह का सत्यापन जरूरी भी है, तो वह पूरी तरह पारदर्शी और चुनाव आयोग के आधिकारिक तंत्र के जरिए होना चाहिए, न कि किसी कथित राजनीतिक दल से जुड़े ऐप या प्लेटफॉर्म के माध्यम सेइन आरोपों के बाद TMC ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि SIR से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा कराई जाए चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह किसी भी राजनीतिक दल या उससे जुड़े प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों का डेटा एकत्र करने की अनुमति न दे साथ ही, यह भी मांग की गई है

कि नागरिकों की निजता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव से पहले इस तरह की गतिविधियां लोकतंत्र को कमजोर करती हैं हम निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं, लेकिन अगर चुनाव आयोग ही लोगों को परेशान करेगा तो जनता का भरोसा कैसे बचेगा ममता ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि जनहित और लोकतांत्रिक मानती है
