अहमदाबाद – 26 नवंबर 2025 को ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल की जनरल असेंबली में यह फैसला लिया गया है कि 2030 की मेजबानी भारत को दी जाएगी और वह भी अहमदाबाद में। इसका मतलब है कि 20 साल बाद, एक बार फिर भारत मल्टी-स्पोर्ट्स की वैश्विक प्रतियोगिता को अपने भारत में आयोजित करेगा। पिछली बार भारत ने 2010 में ये गेम्स आयोजित किए थे। इस ऐतिहासिक फैसले ने खेल जगत, राजनीतिज्ञों, प्रशंसकों और आम जनता सभी में उत्साह से भर दिया है भारत की खेल।महत्वाकांक्षा, युवा शक्ति और वैश्विक पहचान की ओर एक बड़ा कदम है। अहमदाबाद को आदर्श मेजबान स्थल यानी आदर्श मेजबान शहर माना गया है

इसके पीछे कारण है शहर का आधुनिक, विश्व-स्तरीय खेल-इन्फ्रास्ट्रक्चर, पहले से मौजूद बड़े स्टेडियम्स व सुविधाएँ, तथा युवा-उत्साही खेल संस्कृति है इसके अलावाअहमदाबाद-गांधीनगर क्षेत्र में पहले से ही कई बड़े स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, प्रशिक्षण सुविधाएँ, आवासीय व परिवहन सुविधाएं मौजूद हैं जिससे बड़े आयोजन का अनुभव और आधार है। इस फैसले से स्पष्ट हुआ कि भारत अब केवल क्रिकेट-हॉकी तक सीमित नहीं रहा वह बहु-खेल आयोजनों की तैयारी आधुनिक सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अपने आपको तैयार कर रहा है। यह भारत की खेल महत्वाकांक्षा युवा शक्ति।संस्कृति और संगठनात्मक क्षमता को विश्व के सामने पुन स्थापित करता है।

2030 से भारत के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण सुविधाओं, खिलाड़ियों के विकास को बढ़ावा मिलेगा खासकर उन खिलाड़ियों को अवसर मिलेगा जिनका अभी बड़े आयोजन में अनुभव नहीं है। नए स्पोर्ट्स-कोर्स और प्रशिक्षण सेंटर जैसे स्थान बनाए जाएंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों को फायदा होगा। इसके आयोजन से देश की ‘सॉफ़्ट पावर यानी संस्कृति पर्यटन आतिथ्य जनादेश सबको बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से अहमदाबाद और उसके आसपास के क्षेत्र को आर्थिक, सामाजिक, अवसंरचनात्मक लाभ होंगे। होटल परिवहन-रियल एस्टेट-सेवाओं आदि में विकास होगा। 2030 में राष्ट्रीय खेल की मेजबानी पाने का मतलब केवल एक खेल के आयोजन नहीं है

बल्कि यह भारत की बदलती सोच उसकी महत्वाकांक्षा युवा ऊर्जा और वैश्विक पहचान का भी प्रतीक है।अहमदाबाद, जो अब सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों संस्कृति विकास और आधुनिकता का केंद्र बनने जा रहा है जो भारत का भविष्य-निर्माण कर रहा है। अगर यह आयोजन सफल रहा यानि स्टेडियम सुविधाएं आयोजन रख-रखाव पर्यावरण समन्वय सब सही रहे तो 2030 गेम्स न सिर्फ खेल प्रेमियों के लिए यादगार होगी बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी बनेगी।
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
