पाकिस्तानी टीम ने श्रीलंका को हराकर टी20I वन ट्राई सीरीज अपने नाम कर लिया ,फाइनल मैच में पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेल के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद एक कैच को लेकर था, जिसे पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने क्लीन कैच बताया है लेकिन अंपायर ने उनके फैसला दे दिया। इसके बाद मैदान में देखते ही देखते लोगों में आक्रोश बढ़ गया और पाकिस्तानी खिलाड़ी अंपायर के पास जाकर बहस करने लगे। यह विवाद मैच के मैदान में हुआ

जब पाकिस्तान विकेट लेने की स्थिति में था और श्रीलंका को दबाव में लाना चाहता था। लेकिन अंपायर के फैसले ने पूरा माहौल को बदल दिया। PAK-खिलाड़ी इस निर्णय से इतने नाराज़ हुए कि जिसके वजह से कई मिनट तक मैच को भी रोकना पड़ा।#कैच शुरू होने पर विवाद होने की वजह:-घटना उस समय हुई जब श्रीलंका का बल्लेबाज आक्रामक बैटिंग कर रहा था और शाहीन अफरीदी गेंदबाजी कर रहे थे। गेंद बल्लेबाज के बल्ले का किनारा लेकर हवा में उठी और फखर ज़मान ने डाइव लगाकर कैच पकड़ लिया।

फखर ने जश्न मनाते हुए कैच को क्लीन बताया और पूरी टीम विकेट का जश्न मनाने लगी लेकिन इसी बीच अंपायर ने थर्ड अंपायर की ओर इशारा किया और रिप्ले में कुछ एंगल्स ऐसे दिखे, जिनमें गेंद जमीन को छूती हुई नज़र आई। थर्ड अंपायर ने कई री-एंगल्ड स्लो-मोशन देखकर फैसला दिया कि गेंद जमीन से हल्का सा संपर्क में थी। इस वजह से बल्लेबाज को नॉट-आउट करार दिया गया है कैच के फैसले पर कई भड़के PAK खिलाड़ी :-थर्ड अंपायर का फैसला आते ही पाकिस्तान खिलाड़ी नाराज़ हो गए। शाहीन अफरीदी और फखर ज़मान अंपायर के पास जाकर फैसले पर आपत्ति जताने लगे शाहीन ने हाथ के इशारों से बताया कि गेंद जमीन को नहीं लगी थी और कैच पूरी तरह साफ था।

फखर और कप्तान दोनों अंपायर से बहस करते हुए पूछते नज़र आए कि इतनी स्पष्ट फुटेज के बाद भी नॉट-आउट का फैसला क्यों दिया गया। इस बवाल।के बाद मैदान में लगभग 3–4 मिनट तक मैच रुका रहा।#विवाद होने के बाद मैच में आगे:-विवाद के बाद श्रीलंकाई बल्लेबाज का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने तेज़ रन बनाने शुरू कर दिए। पाक गेंदबाजों का ध्यान भी कुछ समय के लिए भटका दिखा। पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर कैच विवाद का मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा और अगले कुछ ओवरों में टीम ने कुछ आसान रन भी लुटाए।
रिपोर्ट
अमित कुमार
