30 साल पुराने मामले में पप्पू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है मतलब बिहार में सत्ता का किस प्रकार से सदुपयोग किया जा रहा हैं यह कोई बीजेपी सरकार से सीखे यह गिरफ्तारी सही है या नहीं यह मैं नहीं जानता लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि जहां पर इनको गिरफ्तारी करनी चाहिए थी

neet छात्र के आरोपियों को, लेकिन गिरफ्तार किसे किया जा रहा है उस बच्ची के लिए न्याय मांगने वाले नेता की, सीधे और साफ तौर पर कहे तो पप्पू यादव अकेले ही वह व्यक्ति थे जो उस बच्ची की न्याय के लिए लड़ रहे थे उन्होंने यहां तक कहा था कि इसमें बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं के नाम सामने आएंगे और हम न्याय लेकर रहेंगे न्याय नहीं मिलने पर सरकार के खिलाफ उन्होंने विशाल जन आंदोलन की धमकी भी दी थी इतना ही ऐलान करने के बाद पप्पू यादव की गिरफ्तारी हो जाती है वह भी 35 साल पुराने केस में आपको क्या लगता है यह संजोग है या साजिश
