श्रीहरिकोटा- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज देश की संचार तकनीक में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ISRO आज एक अत्याधुनिक कम्युनिकेशन सैटेलाइट का प्रक्षेपण करेगा इस मिशन के सफल होने के बाद भविष्य में स्मार्टफोन से सीधे अंतरिक्ष के जरिए कॉल करना संभव हो सकेगा यह तकनीक भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने वाली मानी जा रही हैISRO के चेयरमैन वी. नारायणन ने लॉन्च से पहले बताया कि यह मिशन डायरेक्ट-टू-सेल (Direct to Cell) तकनीक पर आधारित है इसका मतलब यह है कि आम लोग जिस स्मार्टफोन का रोज़ इस्तेमाल करते हैं,

वही फोन सीधे सैटेलाइट से जुड़ सकेगा इसके लिए किसी अलग डिवाइस या विशेष एंटीना की जरूरत नहीं होगी यह तकनीक खास तौर पर उन इलाकों के लिए वरदान साबित होगी, जहां मोबाइल नेटवर्क या तो कमजोर है या बिल्कुल नहीं हैइस कम्युनिकेशन सैटेलाइट की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल एंटीना है, जिसका आकार लगभग आधे फुटबॉल मैदान के बराबर बताया जा रहा है इतना बड़ा एंटीना अंतरिक्ष से धरती पर मौजूद मोबाइल फोन के बेहद कमजोर सिग्नल को भी पकड़ने में सक्षम होगा वैज्ञानिकों का कहना है कि यही तकनीकी क्षमता इस मिशन को बाकी सैटेलाइट्स से अलग बनाती हैयह सैटेलाइट खासकर दूर-दराज के गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों, रेगिस्तानी इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में संचार सुविधा को मजबूत करेगा

इसके अलावा, बाढ़, भूकंप, चक्रवात और भूस्खलन जैसी आपदाओं के दौरान जब मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, तब यह सैटेलाइट आपातकालीन संचार की लाइफलाइन बन सकता है। सेना, सीमा सुरक्षा बल और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के लिए भी यह तकनीक बेहद उपयोगी मानी जा रही है यह मिशन भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है ISRO लॉन्च के बाद सैटेलाइट को उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित किया जाएगा और फिर कई चरणों में तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे सभी परीक्षण सफल रहने पर आने वाले समय में इस तकनीक को आम नागरिकों के लिए चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की योजना हैइस मिशन से भारत सैटेलाइट आधारित मोबाइल कम्युनिकेशन के क्षेत्र में दुनिया के चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा इससे न केवल देश की तकनीकी क्षमता को वैश्विक पहचान मिलेगी,

बल्कि भविष्य में टेलीकॉम सेक्टर में नए निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के रास्ते भी खुलेंगेश्रीहरिकोटा से होने वाला यह लॉन्च ISRO के लिए एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है इससे पहले ISRO चंद्रयान और गगनयान जैसे मिशनों के जरिए दुनिया में अपनी साख बना चुका है अब कम्युनिकेशन सैटेलाइट के जरिए ISRO आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी तकनीक को नई ऊंचाई देने की तैयारी में है श्रीहरिकोटा से आज होने वाला यह लॉन्च भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन और संचार सुरक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है
