77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली का कर्तव्य पथ एक बार फिर देशभक्ति और सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला इस वर्ष की परेड में विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर का प्रदर्शन किया गया, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों की सामरिक क्षमता और आधुनिक तकनीक का शानदार प्रदर्शन हुआ ऑपरेशन सिंदूर में इंटीग्रेटेड कमांड की भूमिका को प्रमुखता से दिखाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय सेना अब आधुनिक युद्ध तकनीक और रणनीति के मामले में कितनी मजबूत और सक्षम हो गई है इस बार की परेड में 29 एयरक्राफ्ट्स ने हिस्सा लिया,

जिनमें सुखोई-30, राफेल, मिराज और अन्य फाइटर जेट्स शामिल थे इन एयरक्राफ्ट्स ने आकाश में उड़ान भरते हुए दर्शकों के बीच शक्ति और सामरिक क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया एयर शो का सबसे रोमांचक हिस्सा तब था जब सुखोई और राफेल ने इंटीग्रेटेड कमांड के तहत मिलकर सटीक मिशन सिमुलेशन दिखायाऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य भारतीय सेना के विभिन्न शाखाओं—थलसेना, वायुसेना और नौसेना—के बीच सामरिक समन्वय को दर्शाना था। इस प्रदर्शन में जमीन और हवा दोनों से जुड़े सैन्य तकनीकी उपकरणों, ड्रोन और कमांड सेंटर का इस्तेमाल कर वास्तविक युद्ध स्थिति जैसी झलक दिखाई गई विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन से देश की सुरक्षा रणनीतियों और आधुनिक युद्ध क्षमता का भी अंदाजा लगता हैगणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले कलाकारों और सैनिकों की संख्या इस बार लगभग 2500 थी,

जो विभिन्न झांकियों, फ्लाईपास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में हिस्सा ले रहे थे सेना के जवानों ने कर्तव्य पथ पर मजबूत अनुशासन और सामूहिक समन्वय का परिचय दिया ऑपरेशन सिंदूर की झलक से दर्शकों में जोश और गर्व की भावना बढ़ गईइस परेड में वायुसेना की प्रमुख मशीनें जैसे सुखोई और राफेल ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं सुखोई-30 और राफेल ने उच्च गति और शानदार एरोबेटिक मूवमेंट दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया इसके साथ ही, इंटीग्रेटेड कमांड के तहत रियल-टाइम कम्युनिकेशन और मिशन सिमुलेशन ने यह स्पष्ट किया कि भारत के सैन्य बल आधुनिक तकनीक के मामले में पूरी तरह तैयार हैं विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर केवल एक परेड का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह भारत की सामरिक शक्ति और देशभक्ति का प्रतीक है इस प्रदर्शन से यह भी संदेश गया कि भारतीय सेना किसी भी स्थिति में संगठित और तैयार है,

चाहे वह सीमा पर सुरक्षा की बात हो या आपातकालीन सैन्य ऑपरेशनइस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड ने यह साबित कर दिया कि भारत परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है जहां पारंपरिक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देश की विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया, वहीं ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आधुनिक सैन्य ताकत और तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित किया इस प्रकार, कर्तव्य पथ परेड ने न केवल नागरिकों को गर्व से भर दिया, बल्कि यह दुनिया को यह संदेश भी दिया कि भारत आधुनिक तकनीक, सामरिक कौशल और राष्ट्रीय एकता के साथ पूरी तरह तैयार है ऑपरेशन सिंदूर और एयरक्राफ्ट फ्लाईपास्ट ने इस वर्ष की परेड को और भी यादगार बना दिया
