तपोवन (धर्मशाला) – हिमाचल प्रदेश के शीतकालीन विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए विधानसभा परिसर के बाहर भारतीय जनता पार्टी विधायक हाथ में नारे लिखे तख्तियां लेकर विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर रहे है पार्टी ने कहा है कि विकास निधि पर रोक जनता और प्रदेश के विकास के लिए खतरनाक है। साथ ही उन्होंने सरकार से ट्रेजरी खोलने व विकास कार्यों की बहाली की मांग की है।भाजपा का आरोप है कि वर्तमान शासन में विकास निधि ब्लॉक कर दी गई है, जिससे राज्यभर में जिन विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थीं, वे रोक की चपेट में आ गई हैं। भाजपा नेताओं ने कहा है कि इस रोक के चलते सड़कों, सिंचाई, स्वास्थ्य एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण काम रुक गए हैं,

जिससे आम जनता को सीधा नुकसान हो रहा है।लेकिन पक्ष का कहना है कि सिर्फ योजनाएं नहीं बल्कि उन लोगों की उम्मीदें और भरोसा भी ठप है जो इन विकास कार्यों पर निर्भर थे भाजपा नेताओं ने जोर देकर कहा कि विकास निधि जारी करना ही जनता के विश्वास को बनाये रखने का रास्ता है।प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि राज्य की ट्रेजरी तुरंत खुलनी चाहिए। भाजपा का दावा है कि कई विभागों को बजटीय राशि नहीं मिल रही, इससे सरकारी कामकाज ठप होने की नौबत आ रही है।पार्टी का कहना है कि जब तक ट्रेजरी नहीं खोली जाएगी विकास कार्य और जनता से जुड़े अन्य जरूरी खर्च नहीं हो पाएँगे पेंशन सैलरी अस्पताल खर्च आदि सब अव्यवस्थित होंगे। सत्ता पक्ष पर भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर लोगों की समस्याओं को अनदेखा कर रही है प्रदर्शन के समय भाजपा ने यह भी संकेत दिया कि पिछले कुछ समय से पंचायत चुनावों को लेकर राज्य सरकार अनिश्चितता बनाए हुए है। भाजपा इसे प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक सुस्ती का परिणाम मान रही है।पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि चुनाव टालने का असर विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है,

क्योंकि जिससे जेवी/कार्यों की स्वीकृति और निधि जारी करने में देरी हो रही है। भाजपा का आरोप है कि यह सरकार द्वारा एक चतुर राजनीतिक चाल है, ताकि चुनाव टाल कर सत्ता का लाभ बरकरार रखा जा सके इस विवाद के बीच, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धनराशि वास्तव में ब्लॉक हुई है या —l जैसा कि सरकार कह रही है केवल तकनीकी प्रक्रिया में देरी है। लेकिन जनता पर इस असमंजस का सीधा असर हो रही है भाजपा का कहना है कि यह राजनीति नहीं, जनता की आवाज है भाजपा ने पहले ही घोषणा कर दी है कि 4 दिसंबर को एक बड़े स्तर का प्रदर्शन और विधानसभा का घेराव होगा जिम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक दल की बैठक में यह रणनीति तय की गई है भाजपा ने कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
