अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधों के आरोपी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स के सार्वजनिक होने के बाद अब इसका असर ब्रिटेन की राजनीति पर भी साफ दिखाई देने लगा है एपस्टीन फाइल्स में कई प्रभावशाली हस्तियों के नाम सामने आने के बाद ब्रिटेन में जबरदस्त राजनीतिक भूचाल आ गया है इस पूरे विवाद ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार को भी संकट में डाल दिया है और विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की मांग को तेज कर रहा हैएपस्टीन फाइल्स में कथित तौर पर ब्रिटेन से जुड़े कुछ राजनीतिक, कारोबारी और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या सरकार ने इस मामले में पहले से मौजूद जानकारियों को नजरअंदाज किया विपक्षी दलों का आरोप है कि लेबर पार्टी सरकार ने इस संवेदनशील मामले पर पारदर्शिता नहीं दिखाई और अब जब दस्तावेज सार्वजनिक हुए हैं, तो सरकार जवाब देने से बच रही हैप्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर आरोप है कि उन्होंने सत्ता में आने के बाद एपस्टीन से जुड़े ब्रिटेन के कनेक्शन की स्वतंत्र जांच के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ नैतिकता का सवाल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था से भी जुड़ा मामला है। इसी को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिली और कई सांसदों ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया कंजर्वेटिव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कीर स्टार्मर की चुप्पी संदेह पैदा करती है। उनका कहना है कि अगर सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो वह पूरी जांच से क्यों बच रही है वहीं, कुछ सांसदों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक आयोग गठित किया जाए इस विवाद का असर ब्रिटेन की सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है। लंदन समेत कई बड़े शहरों में प्रदर्शन हुए, जहां लोगों ने ट्रांसपेरेंसी नाउ और ट्रुथ फॉर विक्टिम्स.जैसे नारे लगाए प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एपस्टीन जैसे मामलों में सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और ताकतवर लोगों को कानून से ऊपर न समझा जाएप्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा है कि उनकी सरकार कानून के शासन में विश्वास करती है और किसी भी तरह की गलत गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

उन्होंने यह भी कहा कि एपस्टीन फाइल्स में सामने आए तथ्यों का अध्ययन किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएंगे हालांकि, विपक्ष का कहना है कि यह बयान महज औपचारिक है और इससे जनता का भरोसा नहीं लौटेगा राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में एपस्टीन फाइल्स से जुड़े और खुलासे होते हैं, तो यह संकट और गहरा सकता है। इससे न सिर्फ प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की छवि को नुकसान पहुंचेगा,

बल्कि लेबर पार्टी की स्थिरता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह विवाद आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता हैकुल मिलाकर, एपस्टीन फाइल्स ने ब्रिटेन की राजनीति में एक नई उथल-पुथल पैदा कर दी है। जहां एक तरफ सरकार दबाव में है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार आक्रामक होता जा रहा है अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस राजनीतिक संकट से कैसे निपटते हैं और क्या उनकी कुर्सी इस तूफान में बच पाती है या नहीं
