नई श्रम कोड 2025 के तहत आईटी/आईटीईएस सेक्टर के कर्मचारियों, संगठित और असंगठित श्रमिकों, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स, महिलाओं और 40 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को कई नए अधिकार और सुरक्षा मिले हैं। अब कंपनियों को हर महीने 7 तारीख तक वेतन भुगतान करना अनिवार्य होगा, जिससे समय पर सैलरी सुनिश्चित हो सके। “समान कार्य, समान वेतन” का कानून लागू होने से जेंडर या श्रेणी आधारित असमानता खत्म होगी। सोशल सिक्योरिटी कवरेज अब सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य है, जिसमें प्रोविडेंट फंड, पेंशन, बीमा और मातृत्व लाभ भी इसमें शामिल हैं। महिलाओं को नाइट शिफ्ट में भी काम करने की अनुमति दी गई है,

बशर्ते सुरक्षा और सुविधाएँ उपलब्ध हों। ओवरटाइम पर डबल वेतन मिलेगा और न्यूनतम वेतन (Floor Wage) लागू किया गया है, जिससे राज्य निर्धारित न्यूनतम वेतन से नीचे कोई वेतन नहीं मिलेगा। सभी कर्मचारियों को नौकरी की पुष्टि पत्र (Appointment Letter) देना अनिवार्य होगा,

जिससे रोजगार की पारदर्शिता बढ़ेगी। ये बदलाव 21 नवंबर 2025 से पूरे भारत में प्रभावी हैं। सरकार का उद्देश्य पुराने 29 श्रम कानूनों को सरल और समेकित करना, कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा, बेहतर वेतन और कार्य-शर्तें देना, महिलाओं और गिग वर्कर्स की सुरक्षा बढ़ाना और रोजगार नियमों को पारदर्शी बनाना है। कंपनियों को नियमों का अनुपालन करना होगा,इतना ही नहीं बल्कि नए लेबर कोड के तहत 40 साल से ज़्यादा उम्र वाले को फ्री हेल्थ चेकअप भी दिया जाएगा और राज्य स्तर पर निगरानी की जाएगी, ताकि श्रमिक अपने नए अधिकारों का लाभ उठा सकें।
