शिमला/नई दिल्लीअमेरिका द्वारा जब्त किए गए एक रूसी टैंकर में हिमाचल प्रदेश का एक युवक फंसा हुआ है, जिससे उसके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है परिजनों ने अब इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई है और युवक को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए रेस्क्यू कराने की मांग की है परिवार का कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद से टैंकर पर मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति असमंजस में है और उनसे संपर्क भी बेहद सीमित हो गया है हिमाचल प्रदेश के रहने वाला यह युवक पेशे से नाविक है और रोजगार के सिलसिले में रूसी टैंकर पर काम कर रहा था इसी दौरान अमेरिका ने प्रतिबंधों से जुड़े एक मामले में उक्त रूसी टैंकर को जब्त कर लिया टैंकर की जब्ती के बाद से उस पर सवार क्रू मेंबर्स, खासकर विदेशी नागरिकों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से युवक का परिवार गहरे तनाव में है और किसी अनहोनी की आशंका जता रहा हैपरिजनों का कहना है कि जब से टैंकर जब्त किया गया है, तब से उनके बेटे से बातचीत लगभग बंद हो गई है कभी-कभार मिलने वाली जानकारी से भी उनकी चिंता कम नहीं हो पा रही। परिवार ने बताया कि युवक ने आखिरी बार फोन पर कहा था कि हालात ठीक नहीं हैं और सभी क्रू मेंबर्स भविष्य को लेकर अनिश्चितता में हैं इसके बाद संपर्क टूट गया,

जिससे परिवार की बेचैनी और बढ़ गई इस मामले को लेकर परिजनों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से भी संपर्क किया है उन्होंने विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपील की है परिवार का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भावुक अपील की है कि सरकार अमेरिका से कूटनीतिक स्तर पर बात कर युवक को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने की व्यवस्था करे परिवार ने यह भी बताया कि युवक घर का मुख्य कमाने वाला सदस्य है और उसके फंसे होने से पूरे परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति पर असर पड़ा है बुजुर्ग माता-पिता और छोटे बच्चे लगातार उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं गांव और आसपास के लोग भी परिवार के समर्थन में सामने आए हैं और सरकार से मदद की मांग कर रहे हैंजानकारों के मुताबिक, रूसी टैंकरों पर अमेरिका द्वारा की जा रही कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जुड़ी हुई है

ऐसे मामलों में टैंकर पर काम कर रहे क्रू मेंबर्स, खासकर तीसरे देशों के नागरिक, कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में फंस जाते हैं भारत सरकार आमतौर पर ऐसे मामलों में अपने नागरिकों की सुरक्षा और स्वदेश वापसी के लिए संबंधित देशों से बातचीत करती हैइस बीच, विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार को इस तरह के मामलों की जानकारी मिलते ही दूतावास और संबंधित एजेंसियों के जरिए हालात पर नजर रखी जाती है जरूरत पड़ने पर कूटनीतिक प्रयास किए जाते हैं, ताकि भारतीय नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, इस मामले में अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया हैराजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है

विदेशों में काम कर रहे भारतीय नाविकों और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी होती है, ताकि परिवारों को राहत मिल सकेअमेरिका द्वारा जब्त रूसी टैंकर में फंसे हिमाचल के युवक का मामला अब मानवीय और कूटनीतिक दोनों दृष्टि से अहम बन गया है परिवार को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप और भारत सरकार के प्रयासों से उनका बेटा जल्द सुरक्षित घर लौटेगा अब सभी की नजरें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं
