देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तथाकथित एपस्टीन फाइल्स” में उनका नाम सामने आया है राहुल गांधी ने कहा कि अगर ऐसा है तो प्रधानमंत्री को देश के सामने सफाई देनी चाहिए सरकार ने देशहित से समझौता किया है और कहा, आपने देश को बेचा, शर्म आपको आनी चाहिए राहुल गांधी का यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने एक जनसभा में कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा था कि “देश जानता है कि कांग्रेसी पहले से नंगे हैं इसी टिप्पणी का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने पलटवार किया और कहा कि व्यक्तिगत हमलों से सच्चाई नहीं छिपाई जा सकती। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करे और यदि कोई दस्तावेज या अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में नाम आया है तो उसे सार्वजनिक किया जाएकांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति तेज कर दी है.

पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि देश को पारदर्शिता चाहिए और प्रधानमंत्री को आरोपों पर चुप्पी नहीं साधनी चाहिए। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है भाजपा नेताओं का कहना है कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस तरह के आरोप लगाना गैर-जिम्मेदाराना राजनीति हैसियासी गलियारों में इस बयान के बाद हलचल बढ़ गई है सोशल मीडिया पर भी समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए दोनों दल एक-दूसरे पर हमलावर रुख अपना रहे हैं

इस बीच आम जनता के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस मामले में कोई आधिकारिक दस्तावेज या जांच रिपोर्ट सामने आएगी फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से राहुल गांधी के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन भाजपा नेताओं ने संकेत दिए हैं कि वे इस मुद्दे पर जवाब देंगे बयानबाजी के इस दौर ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह विवाद केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है या फिर किसी औपचारिक जांच और खुलासे की दिशा में आगे बढ़ता है
